पश्चिम बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र में शीर्ष माओवादी नेता किशनजी फिर से सक्रिय हो गया है. खुफिया खबरों में कहा गया है, ‘किशनजी पश्चिमी मिदनापुर जिले के लालगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में जून के दूसरे पखवाड़े में एक से अधिक बैठकों में शामिल हुआ.
ज्यादा संभावना इस बात की है कि ये बैठकें 22 और 23 जून को हुईं.’ माओवादियों ने संयुक्त अभियानों में आ रहे ठहराव और छह कोबरा टीमों के झारखंड चले जाने का फायदा उठाकर बैठकें शुरू कर दी हैं. खबरों के मुताबिक पीसीपीए प्रमुख असित महतो और सचिव मनोज महतो ने झाड़ग्राम के बाकिसोल में एक बैठक की जबकि पुलिस मुठभेड़ में मारे गए माओवादी नेता ससधर महतो की पत्नी सुचित्रा महतो ने पांच जून को एक अन्य बैठक की.
माओवादियों के प्रवक्ता आकाश उर्फ मंसाराम हेमब्राम और विकास जैसे अन्य नेताओं ने झाड़ग्राम उपमंडल के अंतर्गत लखनपुर बागझोरा और मधुपुर में 15 जून को श्रृंखलाबद्ध बैठकें कीं. खुफिया सूत्रों ने कहा, ‘माओवादियों ने एक हफ्ते पहले कांटापहाड़ी स्कूल परिसर में सिधु सोरेन की याद में शोकसभा की जो पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था. इस दौरान राज्य के सभी बड़े माओवादी नेता मौजूद थे.’
यह पूछे जाने पर कि क्या यह इस बात का संकेत है कि माओवादी फिर से संगठित हो रहे हैं खुफिया सूत्रों ने कहा, ‘इससे पता चलता है कि वे फिर से जुट रहे हैं और फिर से ढांचा स्थापित कर रहे हैं जो पिछले दो साल के संयुक्त अभियानों में खत्म हो गया था.’
रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त बलों के नियमित तलाशी अभियानों में एक ठहराव आने के बाद सुचित्रा विकास और आकाश के नेतृत्व वाले आठ माओवादी दस्ते सक्रिय हो गए हैं.
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक अधिकारी ने बताया कि जंगलमहल में तैनात 18 कोबरा टीमों में से छह को पड़ोस के झारखंड में भेज दिया गया है. पश्चिम बंगाल सरकार ने हाल में माओवादियों से हथियार डालने का आह्वान किया था और कहा था कि इसके बदले उन्हें पुनर्वास पैकेज दिया जाएगा और उनके परिवारों की देखभाल की जाएगी.
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