उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को गरीबी की सीमारेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे 31 लाख ऐसे परिवारों के लिए ‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना’ की शुरुआत की है जो ऐसी किसी अन्य योजना के तहत लाभ पाने से अब तक वंचित रह गये हैं.
इस योजना के तहत प्रति परिवार मासिक 300 रुपये की सहायता दी जायेगी, जो पात्र परिवारों हर छह महीने पर मिलेगी.
मायावती ने योजना का शुभारंभ करते हुए संवाददाताओं को बताया, ‘यह योजना आर्थिक रूप से पिछड़े उन आर्थिक रूप से सर्व समाज में विशेष रूप से दलितों शोषितों के परिवारों के लिए शुरू की जा रही है, जो बीपीएल कार्ड, अन्त्योदय, विधवा अथवा वृद्धावस्था पेंशन आदि सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पा रहे हैं.’
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर माह 300 रुपये की राशि दी जायेगी, जो उन्हें दो छमाही किश्तों में उनके बैंक खाते में पहुंच जायेगी. मायावती ने इस योजना की घोषणा बीती 15 जनवरी को अपने जन्म दिन पर की थी. उन्होंने बताया कि इस योजना की शुरुआत पहली अक्टूबर को होनी थी, लेकिन पंचायत चुनावों के कारण आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण इसमें एक महीने का विलंब हो गया. {mospagebreak}
मायावती ने बताया कि इस योजना में सर्वेक्षण कराकर फिलहाल 31 लाख परिवारों को चयनित किया गया है और इस पर सालाना 1116 करोड़ रुपये का व्यय आयेगा. मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए बीपीएल योजना में लाभार्थियों की संख्या एक करोड़ सात लाख की सीमा बांध रखी है.
उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य के साथ भेदभाव का आरोप दोहराते हुए कहा कि हमने केंद्र सरकार से कई बार बीपीएल परिवारों की संख्या बढ़ाए जाने का आग्रह किया मगर हर बार हमारी अनसुनी कर दी और हमें मजबूरन अपने सीमित संसाधनों में यह योजना लागू करनी पड़ी.
मायावती ने कहा कि यह योजना वित्तीय वर्ष 2010-11 से लागू की गयी, जो लाभार्थी परिवार इस वित्तीय वर्ष में आच्छादित नहीं हो पायेंगे उन्हे अगले चरण में आच्छादित किये जायेंगे. उन्होंने कहा कि इस योजना में लाभार्थी के रूप में परिवार की महिला मुखिया का चयनित किया गया है और निर्धारित धनराशि महिला के खाते में सीधे भेजी जायेगी.