राजधानी भोपाल का नामकरण राजा भोज के नाम पर ‘भोजपाल’ करने के प्रयासों का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा हुआ तो आंदोलन किया जाएगा."/> राजधानी भोपाल का नामकरण राजा भोज के नाम पर ‘भोजपाल’ करने के प्रयासों का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा हुआ तो आंदोलन किया जाएगा."/> राजधानी भोपाल का नामकरण राजा भोज के नाम पर ‘भोजपाल’ करने के प्रयासों का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा हुआ तो आंदोलन किया जाएगा."/>
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का नामकरण राजा भोज के नाम पर ‘भोजपाल’ करने के प्रयासों का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा हुआ तो आंदोलन किया जाएगा.
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आरिफ मसूद ने संवाददाताओं से कहा कि यदि भोपाल का नाम भोजपाल किया गया, तो इसके विरोध में आंदोलन किया जाएगा.
उन्होंने दावा किया कि उनकी जानकारी के अनुसार राज्य सरकार राजा भोज के नाम पर भोपाल का नाम बदलकर ‘भोजपाल’ करना चाहती है. उन्होंने सरकार से पूछा कि यह एक हजार वर्ष पुराने कौन से राजा भोज हैं, जिनका उल्लेख बड़े-बड़े होर्डिंग्स, विज्ञापन एवं समाचार पत्रों के जरिए किया जा रहा है.
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि उनकी अपनी जानकारी के अनुसार जिन राजा भोज ने भोपाल का तालाब बनवाया और भोजपाल शहर बसाया था, उनका कालखण्ड लगभग 1430 वर्ष पुराना है. इस बारे में उन्होंने कुछ पुरातन ग्रंथों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इतिहास में लगभग चौदह राजा भोज हुए हैं.
मसूद ने कहा कि भोपाल का एक सुनहरा इतिहास रहा है और उसका नाम दुनिया के हर कोने में जाना जाता है. शहर का नाम बदलने की बजाय उनका सुझाव है कि सरकार अपनी योजनाओं का नाम ‘राजा भोज’ के नाम पर कर सकती है.{mospagebreak} आगरा में मनाए जाने वाले ‘ताज उत्सव’ की तरह यहां ‘भोज उत्सव’ मनाया जा सकता है, जिसे भोपाल के सभी धर्म एवं समाज मिलकर मनाएं तथा यहां की ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ की मिसाल पेश करें. दूसरी ओर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भी आज यहां एक बयान जारी कर भोपाल का नाम बदलने के प्रयासों का विरोध किया है.
पार्टी के राज्य सचिव शैलेन्द्र कुमार शैली ने अपील करते हुए कहा है कि इस प्रयास के विरोध में सभी लोकतांत्रिक एवं धर्मनिरपेक्ष मूल्यों में विश्वास रखने वाले लोग लामबंद हों. किसी भी किस्म के सामंती मूल्यों का गुणगान लोकतंत्र के लिए घातक है. उन्होंने ऐसे किसी भी प्रयास के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है.