scorecardresearch
 

एनएचआरसी ने भट्टा पारसौल पर खारिज किए राहुल के आरोप

ऐसा समझा जाता है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के दल ने ग्रेटर नोएडा के दो गांवों में पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं का बलात्कार किये जाने की बात को खारिज कर दिया है.

Advertisement
X

ऐसा समझा जाता है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के दल ने ग्रेटर नोएडा के दो गांवों में पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं का बलात्कार किये जाने की बात को खारिज कर दिया है.

Advertisement

मानवाधिकार आयोग की ऐसी रिपोर्ट से कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी का दावा भी गलत साबित हो गया है लेकिन केंद्र सरकार ने इस रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर आशंका जतायी है.

सूत्रों ने कहा कि एनएचआरसी की तथ्यान्वेषी दल ने अपनी रिपोर्ट आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति के जी बालाकृष्णन को सौंप दी है. इस जांच में वे आरोप झूठे पाये गए जिसमें कहा गया था कि पुलिसकर्मियों ने गत मई में भट्टा पारसौल गांव में किसानों के आंदोलन के दौरान बलात्कार किया था.

इस रिपोर्ट पर पूर्ण आयोग में विचार किया जाना बाकी है. आयोग ने भूमि अधिग्रहण को लेकर हिंसा और ग्रेटर नोएडा में पुलिस ज्यादतियों की जांच के लिए अपना दल भेजा था. भट्टा पारसौल गांवों में किसानों और पुलिस के बीच संघर्ष और गोलीबारी में दो पुलिसकर्मियों सहित चार व्यक्तियों की मौत हो गई थी.

Advertisement

राहुल गांधी ने ग्रेटर नोएडा के दोनों गांवों का दौरा करने के बाद दावा किया था कि महिलाओं के साथ बलात्कार हुए हैं, लोगों की पिटायी करने के साथ ही मकानों में तोड़फोड़ की गई. सरकार ने इस रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर यह कहते हुए आशंका जतायी कि एक रिपोर्ट सभी आरोपों को नकार नहीं सकती.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘अन्य एजेंसियां वहां गईं और इस बात की पुष्टि की कि महिलाओं के साथ ऐसे बर्ताव किया गया जिस पर हम सभी खिलाफ थे. खैर देखते हैं. इसके समर्थन और खिलाफ मत आ रहे हैं. मुझे देखने दीजिये कि ये रिपोर्ट आयी कहां से है.’ विशेष रूप से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार को क्लीन चिट दिये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आयोग ने जिस तरीके से अपनी जांच की है उसे देखना होगा.

उन्होंने कहा, ‘मैं इस संबंध में टिप्पणी नहीं करना चाहती कि आयोग से जांच के लिए वहां कौन गया था, उन्होंने वहां किससे बात की और वहां कितना समय बिताया. मुझे इस बात की पूरी आशा है कि उन्होंने वहां पूरी कोशिश की होगी. लेकिन ऐसे मामलों में कई बार लोग प्रश्न पूछने में संकोच करते हैं.’

Advertisement
Advertisement