26/11 हमले का दोषी अजमल आमिर कसाब की दया याचिका खारिज कर दी गई है. गृह मंत्रालय ने दया याचिका को खारिज करते हुए याचिका को राष्ट्रपति के पास भेज दिया है.
गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कसाब की मौत की सजा की पुष्टि किए जाने के बाद उसके द्वारा राष्ट्रपति के यहां दायर की गई दया याचिका खारिज कर दी गई है और इस संदर्भ में सिफारिश राष्ट्रपति के पास भेज दी गई है.
महाराष्ट्र गृह विभाग भी कर चुका है कसाब की याचिका खारिज
25 सितंबर 2012 को महाराष्ट्र के गृह विभाग ने भी कसाब की दया याचिका खारिज कर दी थी. महाराष्ट्र के गृह विभाग ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले में आतंकवादी अजमल आमिर कसाब की राष्ट्रपति को भजी गयी दया याचिका पर असहमति जतायी थी. अपनी जान बचाने के लिए कसाब ने आखिरी उम्मीद के रूप में राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी है.
कसाब को जल्द फांसी देने की मांग
देश में कई वर्गों की ओर से शीर्ष न्यायालय के फैसले पर तेजी से अमल करने की मांग की जा रही है जिसमें कसाब की मौत की सजा को बरकरार रखा गया है. शिवसेना ने हाल ही में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से कसाब की दया याचिका खारिज करने की मांग की थी.
गौरतलब है कि करीब चार वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद 29 अगस्त को देश के सुप्रीम कोर्ट ने 25 वर्षीय कसाब की 26/11 आतंकी हमला मामले में मौत की सजा को बरकरार रखा था. 26 नवम्बर, 2008 को हुए मुम्बई हमले में कई विदेशी नागरिकों सहित 166 लोग मारे गए थे.