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सईद को लेकर कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ: पाक

पाकिस्तान ने मंगलवार को कहा कि नए नाम रखकर काम कर रहे आतंकवादी संगठनों पर पाबंदी लगाने या जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद जैसे लोगों के विदेश यात्रा पर जाने पर प्रतिबंध लगाने के लिये कोई ताजा आदेश जारी नहीं किये गए हैं.

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पाकिस्तान ने मंगलवार को कहा कि नए नाम रखकर काम कर रहे आतंकवादी संगठनों पर पाबंदी लगाने या जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद जैसे लोगों के विदेश यात्रा पर जाने पर प्रतिबंध लगाने के लिये कोई ताजा आदेश जारी नहीं किये गए हैं.

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सरकार ने साथ ही यह भी कहा है कि सुबूत मिलने पर ही ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. नाम बदलकर काम कर रहे 23 आतंकवादी संगठनों पर पाबंदी लगाए जाने सम्बन्धी स्थानीय मीडिया की खबरों पर पंजाब के कानून मंत्री राना सनाउल्लाह, लाहौर के पुलिस प्रमुख मुहम्मद असलम तरीन तथा इस्लामाबाद में विश्वस्त सूत्रों ने कहा कि प्रतिबंधित संगठनों या सईद जैसे लोगों के बारे में कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है.

सनाउल्ला ने कहा ‘पंजाब सरकार ने नए नाम से काम कर रहे निषिद्ध संगठनों पर पाबंदी लगाने के सिलसिले में कोई नई अधिसूचना जारी नहीं की है. वे तो पहले से ही प्रतिबंधित हैं.’ उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसी भी प्रतिबंधित संगठन से जुड़े उग्रवादियों पर सख्त कार्रवाई की योजना बना रही है. सनाउल्ला ने कहा कि यह कार्रवाई तलाशी अभियानों के रूप में चलने वाली सतत प्रक्रिया है.{mospagebreak}उन्होंने कहा ‘फिदायी बम हमलों में शामिल लोग देश के विभिन्न शहरों में छुपे हैं. इसलिये अब पुलिस उन पर नजर रख रही है. हम जमात-उद-दावा की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं. कोई सुबूत मिलने पर हम उन लोगों को गिरफ्तार करेंगे.’ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा 11 दिसम्बर 2008 को जमात प्रमुख को आतंकवादी करार देकर उसके यात्रा करने पर पाबंदी लगाने और सम्पत्ति सील करने का पात्र बताए जाने के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने सईद का नाम एक्जिट कंट्रोल लिस्ट में शामिल किया था. इस सूची में शामिल लोगों के पाकिस्तान से बाहर जाने पर पाबंदी लगाई गई है.

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सूत्रों ने बताया कि उसके बाद से सईद का नाम उस सूची से नहीं हटाया गया था. हालांकि पिछले साल उसे लाहौर उच्च न्यायालय के आदेश पर नजरबंदी से मुक्त कर दिया गया था. सनाउल्ला ने स्पष्ट किया कि प्रान्तीय सरकार के पास किसी संगठन को प्रतिबंधित करने की शक्ति नहीं है. संघीय सरकार ही यह काम कर सकती है.

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