ब्रिटेन के वैज्ञानिक आंखों की एक नई जांच विकसित कर रहे हैं, जो जानलेवा हृदय रोगों का पहले पता लगाने में मददगार साबित हो सकती है.
‘डेली एक्सप्रेस’ की खबर के मुताबिक, जांच में मरीज की रेटिना का ‘हाई-डेफिनिशन डिजिटल चित्र’ लिया जाता है और उसमें हृदय रोग के लक्षणों की जांच की जाती है जैसे - रक्त नलिकाओं की चौड़ाई में अंतर आना या फिर रक्त नलिकाओं का असामान्य तरीके से शाखान्वित होना.
‘एडिनबर्ग विश्वविद्यालय’ की टीम का कहना है कि 30 सेंकेण्ड में होने वाली इस सस्ती जांच से लोगों को लंबी और थकाउ जांच प्रक्रियाओं से मुक्ति मिल जाएगी.
‘इमेंजिंग विशेषज्ञ’ डॉक्टर टॉम मैकगिलिवरे का कहना है आंखें मरीजों की रक्त आपूर्ति और मानव शरीर की प्रणालियों पर उसके असर को देखने की अनोखी खिड़की हैं. इस जांच से लाखों लोग हृदय रोगों से अपना बचाव कर सकते हैं क्योंकि ‘इलाज से बचाव बेहतर है.’