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नए साल पर पीएम ने स्‍वर्ण मंदिर में मत्‍था टेका

अमृतसर की निजी यात्रा पर गये प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पहली जनवरी की सुबह अपनी पत्नी गुरशरण कौर के साथ स्वर्ण मंदिर में मत्था टेककर नये साल की शुरुआत की.

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मनमोहन सिंह
मनमोहन सिंह

अमृतसर की निजी यात्रा पर गये प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पहली जनवरी की सुबह अपनी पत्नी गुरशरण कौर के साथ स्वर्ण मंदिर में मत्था टेककर नये साल की शुरुआत की.

वो सुबह 6.30 बजे स्वर्ण मंदिर पहुंचे और वहां करीब आधा घंटा बिताया. स्वर्ण मंदिर नाम से मशहूर हरमंदर साहब के वीआईपी गलियारे में प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी ने हाथ जोड़कर और आंख बंद कर पूरे ध्यान से शबद कीर्तन और अरदास को सुना.

प्रधानमंत्री सिंह जहां सफेद कुर्ता.पजामा और उसके उपर गहरे सलेटी रंग की जैकेट पहने हुए थे वहीं उनकी पत्नी गुरशरण ने क्रीम रंग के सलवार कमीज पर मरून रंग की शॉल ओढ़ रखी थी. शनिवार शाम अमृतसर पहुंचे प्रधानमंत्री ने स्वर्ण मंदिर के सरोवर की परिक्रमा भी की. उसके बाद वे अकाल तख्त गये और मत्था टेका. उन्होंने वहां पांच मिनट तक अरदास सुनी.

प्रधानमंत्री के सुरक्षा घेरे में तीन मानव श्रृंखलाएं थीं. पहले घेरे में दिल्ली से गये एनएसजी के जवान, दूसरे में पंजाब पुलिस के जवान और उसके बाद सिखों की शीर्ष धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी का कार्यबल था.

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इस बीच स्वर्ण मंदिर में मत्था टेककर निकलते प्रधानमंत्री सिंह और उनकी पत्नी गुरशरण कौर को गांधीवादी नेता अन्ना हजारे के समर्थकों का विरोध झेलना पड़ा.

करीब 40 अन्ना समर्थक वहां पहुंचे और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. उनमें कुछ महिलाएं भी थीं.

इससे पहले सिंह और उनकी पत्नी को सिख ग्रंथी जसविंदर सिंह ने सिरोपा भेंट किया. इसके बाद एसजीपीसी के महासचिव सुखदेव सिंह बहुर और एसजीपीसी सदस्य किरणजोत कौर ने स्वर्ण मंदिर सूचना केंद्र में उन्हें सम्मानित किया. स्वर्ण मंदिर के सूचना अधिकारी गुरबचन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री को स्वर्ण मंदिर का छोटा स्वर्णजड़ित चित्र, धार्मिक पुस्तकें और शॉल भी भेंट स्वरूप दिये गये. गुरबचन सिंह के अनुसार प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी ने स्वर्ण मंदिर परिसर में हर की पौड़ी के सरोवर से अमृत भी लिया.

स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने के बाद दोनों हिंदू मंदिर दुर्गियाना मंदिर पहुंचे जहां प्रबंधन ने उनका सम्मान किया. इसके बाद वे सर्किट हाउस लौट गये जहां वे रात में भी ठहरे थे.

दिल्ली रवाना होने के लिए हवाईअड्डे जाने से पहले प्रधानमंत्री ने अमृतसर में रहने वाले अपने भाइयों सुरजीत सिंह कोहली, दलजीत सिंह कोहली, तीन बहनों ज्ञान कौर, निर्माण कौर और मनजीत कौर तथा उनके बच्चों के साथ करीब आधे घंटे का समय बिताया.

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सुरजीत सिंह कोहली ने कहा कि नये साल के मौके पर पूरे परिवार के लिए यह दुर्लभ क्षण था क्योंकि परिवार के 17 सदस्य एक साथ बैठे और एक दूसरे को नये साल की मुबारकवाद दी.

अमृतसर प्रधानमंत्री का गृहनगर है. उन्होंने स्थानीय हिंदू कॉलेज से पढ़ाई की थी. भारत के विभाजन के बाद उनका परिवार पाकिस्तान से यहां आया था. उनके अन्य रिश्तेदार भी इस शहर में रहते हैं.

इससे पहले प्रधानमंत्री मार्च 2009 में स्वर्ण मंदिर गये थे. तब कुछ सप्ताह पहले ही उन्होंने नयी दिल्ली स्थित एम्स में अपनी हार्ट सर्जरी कराई थी.

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