शिवसेना के कार्यकारी प्रमुख उद्धव ठाकरे की सीने में दर्द की शिकायत के बाद सोमवार को यहां एंजियोग्राफी की गयी और बाद में उनके चचेरे भाई तथा अब राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मनसे प्रमुख राज ठाकरे गाड़ी चलाकर उन्हें घर लाए.
सीने में दर्द की शिकायत के बाद उद्धव को उपनगरीय क्षेत्र बांद्रा के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था. भर्ती कराए जाने के तुरंत बाद उनकी एंजियाग्राफी (रक्त वाहिकाओं में पैदा अवरोध को दूर करना) की गयी.
पार्टी सूत्रों ने बताया कि राज ठाकरे पार्टी की एक बैठक में शामिल होने के लिए अलीबाग जा रहे थे लेकिन उद्धव के बीमार होने की खबर सुनकर राज तुरंत लौट आए और उद्धव को देखने अस्पताल गए. उद्धव को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद राज उन्हें मातोश्री लाए. इस दौरान राज ठाकरे ही गाड़ी चला रहे थे. मातोश्री ठाकरे परिवार का निवास है.
दोनों भाई एक दूसरे को राजनीतिक रूप से निशाना बनाते रहे हैं. इसके पहले दोनों की भेंट 2008 में हुयी थी जब राज बीमार चल रहे अपने चाचा बाल ठाकरे को देखने गए थे.
उद्धव और राज ठाकरे को एक साथ देखे जाने पर लग रही अटकलों के बीच शिव सेना सूत्रों ने कहा कि इसमें कोई राजनीतिक घटनाक्रम नहीं देखा जाना चाहिए. पार्टी के एक नेता ने कहा कि इससे सिर्फ यह पता लगता है कि खून राजनीति से ज्यादा महत्वपूर्ण होता है. उद्धव इसी महीने 52 साल के होने वाले हैं और वह 2004 से ही पार्टी का कामकाज देख रहे हैं.
राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए 2005 में शिवसेना छोड़ दी थी और बाद में अपनी अलग पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण पार्टी का गठन किया.