हर तरफ से कड़ी आलोचना झेल रहे श्रीलंकाई स्पिनर सूरज रणदीव आखिरकार झुक गये हैं. उन्होंने अपनी गलती के लिये टीम इंडिया के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग से माफी मांग ली है. साथ ही श्रीलंका के क्रिकेट बोर्ड ने नो बॉल मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.
श्रीलंका में चल रही त्रिकोणीय श्रंखला के मैच में सोमवार को सहवाग 99 रन पर खेल रहे थे. भारत को मैच में जीत के लिये तथा सहवाग को शतक पूरा करने के लिये एक रन की दरकार थी. उसी समय रणदीव ने खेल भावना के विपरीत सहवाग को नोबॉल फेंककर उन्हें शानदार शतक से वंचित कर दिया.
सहवाग ने माइक्रो ब्लागिंग साइट ट्विटर पर लिखा, ‘‘ दोस्तों नमस्कार. रणदीव मेरे कमरे में आया था और मुझसे अपने किये पर माफी मांगी.’’ उल्लेखनीय है कि सहवाग ने रणदीव की इस हरकत की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है.
सहवाग ने सोमवार को मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर सामने खड़ा बल्लेबाज 99 रन पर खेल रहा हो, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप नो बॉल फेंक दें या फिर बाई के रूप में चार रन दे दें. अच्छा क्रिकेट इसकी इजाजत नहीं देता.’’{mospagebreak}बेहद अहम मुकाबले में मैच जिताऊ 99 रन बनाने वाले सहवाग ने कहा कि वह निश्चित रूप से कह सकते हैं कि उन्हें शतक से वंचित करने के लिये ही नोबॉल फेंकी गई थी. सहवाग ने कहा, ‘‘मैं वीडियो को क्यों देखूं. वह गेंद जानबूझकर फेंकी गयी थी. रणदीव ने एकदिवसीय मैचों में आमतौर पर नोबॉल नहीं फेंकी हैं, लेकिन आखिर ऐसा क्या हुआ कि जब मैं 99 के स्कोर पर था तभी उन्होंने नोबॉल फेंकी.’’
सहवाग को उनकी 99 रन की नाबाद पारी के लिये 'मैन आफ द मैच' चुना गया. वे शतक के हकदार थे, लेकिन रणदीव के ओवर की पहली गेंद पर जहां चार रन बाई के चले गये वहीं उन्होंने चौथी गेंद नोबॉल फेंक दी.
इस विस्फोटक सलामी बल्लेबाज ने मैच के बाद कहा, ‘‘क्रिकेट में ऐसा होता है. दूसरी टीम नहीं चाहती कि कोई उनके खिलाफ शतक बनाये. वे बल्लेबाज को शतक पूरा करने से रोकने के लिये भरसक प्रयास करती हैं.’’