उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को राहत देते हुए भ्रष्टाचार मामले में उनके और परिवार के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामला चलाने पर रोक लगाने के कर्नाटक उच्च न्यायायलय के आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया.
न्यायमूर्ति वी एस सिरपुरकर और न्यायमूर्ति टी एस ठाकुर ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ मुख्यमंत्री और उनके परिवार की ओर से दायर शिकायत पर उनके खिलाफ आपराधिक मामला चलाने पर रोक लगाने के उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए दो वकीलों की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया.
पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए उच्च न्यायालय से कहा कि छूट के लिए यदि शिकायतकर्ता की ओर से कोई आवेदन है तो उस पर विचार करे. लेकिन यह छूट छह सप्ताह से अधिक नहीं हो सकती.
अधिवक्ता सिराजिन बाशा और अधिवक्ता प्रशांत कुमार के जरिये 29 मार्च को कर्नाटक उच्च न्यायालय के इस संबंध में दिए गए आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की गयी थी.
बाशा ने अदालत से भूमि को अधिसूचित श्रेणी से बाहर करने के मामले में अनियमितता को लेकर येदियुरप्पा और उनके परिवार के खिलाफ आपराधिक मामला चलाने पर लगाई गई रोक को हटाने की मांग की थी.