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सरबजीत ने सोनिया को पत्र लिखा, जान का खतरा बताया

पाकिस्तान में मौत की सजा का सामना कर रहे सरबजीत सिंह ने दावा किया है कि जेल में उनकी जान को खतरा है.

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सरबजीत सिंह
सरबजीत सिंह

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पाकिस्तान में मौत की सजा का सामना कर रहे सरबजीत सिंह ने दावा किया है कि जेल में उनकी जान को खतरा है.

सरबजीत फिलहाल पाकिस्तान के कोट लखपत जेल में बंद हैं. सरबजीत ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे गए पत्र में अपनी जान को खतरा होने की बात कही है. उन्होंने आरोप लगाया है कि जेल अधिकारी उन्हें अस्वास्थ्यकर भोजन दे रहे हैं जिसे खाना मुश्किल है और उनके साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है.

सरबजीत के वकील अवैस शेख ने हाल में ही पाकिस्तान के राष्ट्रपति के समक्ष नए सिरे से दया याचिका दायर की थी जिसमें उसकी मौत की सजा को कम करने की मांग की गई थी. शेख सरबजीत का पत्र भारत लेकर आए हैं.

सबरजीत ने शेख के जरिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, बहन दलबीर कौर और पुत्री पूनम के लिए अलग-अलग पत्र भेजे हैं.

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सरबजीत को संदेह है कि खाने में कुछ गड़बड़ सामग्री है जिससे दिन ब दिन उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है और उनके एक पांव में जबर्दस्त दर्द होने लगा हैं शेख ने दावा किया कि कोट लखपत जेल में हाल में सरबजीत के साथ मुलाकात के दौरान उन्होंने खुद भोजन को चखा और वह मनुष्य के खाने लायक नहीं था.

सरबजीत ने यह भी आरोप लगाया कि जेलकर्मी उनके साथ र्दुव्‍यवहार कर रहे हैं और जेल अधिकारियों की ओर से ताना मारना आम बात हो गई है. उन्होंने जेल के भीतर चिकित्सीय सुविधा के अभाव का भी आरोप लगाया.

सरबजीत ने सोनिया से अनुरोध किया है कि वह पाकिस्तान सरकार से उनके परिवार के सदस्यों को उनसे मुलाकात करने के लिए वीजा देने की अपील करें. पुत्री पूनम को भेजे गए पत्र में सरबजीत ने उससे जमकर पढ़ाई करने को कहा है.

सिंह ने अपनी बहन दलबीर कौर को लिखे पत्र में भी जेल में अस्वास्थ्यकर खाना दिए जाने और खराब बर्ताव किए जाने का उल्लेख किया है.

पत्र मिलने के बाद कौर ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अनुरोध किया कि वह पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग को जेल अधिकारियों के समक्ष यथाशीघ्र स्वास्थ्यकर खाना प्रदान करने और सरबजीत को अनिवार्य इलाज मुहैया कराने के मुद्दे को उठाने को कहें.

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गत चार जुलाई को कौर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर अपने भाई की रिहाई के लिए हस्तक्षेप करने को कहा था.

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