राष्ट्रमंडल खेलों में कथित आर्थिक अनियमितताओं की जांच कर रही एक उच्च स्तरीय समिति ने प्रसार भारती के निलंबित मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बी एस लाली और दूरदर्शन की महानिदेशक अरुणा शर्मा को दोषी ठहराया है.
समिति ने इन पर ब्रिटेन की कंपनी से ‘सांठ-गांठ’ करने का आरोप लगाया है, जिसे प्रसारण सौदे में 13भ् करोड़ रुपये का फायदा पहुंचा.
पूर्व नियंत्रक और महालेखा परीक्षक वी के शुंगलू की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय समिति ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ यह कहते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की है कि ‘जो गड़बड़ियां हुईं हैं, जिनके चलते यह गलत काम हुआ, उनमें इन दोनों अधिकारियों की जिम्मेदारी को नजरअंदाज नहीं जा सकता.’
समिति की 236 पृष्ठों की अंतरिम रिपोर्ट कल सरकार को सौंपी गई. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का इस पर ‘गंभीर रुख’ है. उन्होंने इसे कैबिनेट सचिव को भेज कर उनसे एक सप्ताह में आगे के कदमों के बारे में जवाब मांगा है.
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक वक्तव्य में कहा गया है, ‘कैबिनेट सचिव की अनुशंसाओं के आधार पर गंभीर कदम उठाए जाने की संभावना है.’ लाली को पहले ही निलंबित किया जा चुका है.