योगगुरू के स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार के संकेत हैं जबकि आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने शनिवार को बाबा रामदेव से भेंट की और उनसे आठ दिनों से जारी अनशन खत्म करने की अपील की.
बहरहाल, रविशंकर ने यह साफ कर दिया कि केंद्र ने उनसे 46 वर्षीय रामदेव से उनका अनशन तुड़वाने के लिए उनसे बातचीत करने के लिए नहीं कहा है. योगगुरू काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन पर हैं.
इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम ने भी रामदेव से अनशन तोड़ने की अपील की है.
जब रविशंकर से पूछा गया कि (केंद्र) सरकार में किसी ने उनसे इस मुद्दे पर रामदेव से संपर्क करने को कहा है, उन्होंने कहा कि नहीं, केंद्र सरकार से किसी ने भी मुझे कुछ नहीं कहा है और मैं अपने आप यहां आया हूं. जबतक वह अनशन नहीं तोड़ते, मैं उनसे बैठक करता रहूंगा.
हिमालयन आयुर्विज्ञान संस्थान में रामदेव के साथ करीब एक घंटे तक चली बैठक के बाद रविशंकर ने संवाददाताओं से कहा कि यदि सरकार चाहती है तो मैं कुछ भी यानि राष्ट्र जो चाहता हैं, करने को तैयार हूं. शुक्रवार को अनशन के सातवें दिन रामदेव की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें हिमालयन आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया. उन्हें ग्लूकोज चढ़ाया गया.
रामदेव की हालत स्थिर
काले धन के मुद्दे को लेकर अनशन पर बैठे योग गुरू बाबा रामदेव का स्वास्थ्य पूरी तरह से स्थिर है और चिंता की कोई बात नहीं है जबकि उनका अनशन शनिवार को आठवें दिन भी जारी है.
रामदेव के स्वास्थ्य की जांच कर रहे देहरादून के जालीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि रामदेव की स्थिति पूरी तरह से स्थिर है और चिंता की कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि रामदेव सभी लोगों से बातचीत कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि उनका रक्तचाप 110 और 78 है जो लगभग सामान्य ही है तथा नब्ज 60 है जो सामान्य से थोडा कम है. उन्होंने कहा कि रामदेव की किडनी ठीक है.
सूत्रों ने कहा कि रामदेव को शुक्रवार को ग्लूकोज चढाया गया था. इसके पूर्व शुक्रवार को रामदेव की स्थिति बिगडने पर उन्हें हरिद्वार से करीब 25 किलोमीटर दूर जालीग्रांट अस्पताल भेजा गया था.