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बड़े आंदोलन के लिए अपने को तैयार करे जनता: हज़ारे

गांधीवादी अन्ना हजारे ने रामलीला मैदान में बाबा रामदेव के समर्थकों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में राजघाट पर अपने एकदिवसीय अनशन के समापन पर जनता का आह्वान किया कि वह आगे की लड़ाई के लिए अपने को मजबूत करे.

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अन्ना हजारे
अन्ना हजारे

गांधीवादी अन्ना हजारे ने रामलीला मैदान में बाबा रामदेव के समर्थकों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में राजघाट पर अपने एकदिवसीय अनशन के समापन पर जनता का आह्वान किया कि वह आगे की लड़ाई के लिए अपने को मजबूत करे.

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अन्‍ना हजारे ने कहा कि संसद के मानसून सत्र में लोकपाल विधेयक पारित नहीं होने की स्थिति में 16 अगस्त से जंतर-मंतर पर पहले से भी बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा.

हजारे ने अपना अनशन राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सुबह 10.20 बजे शुरू किया था और शाम 6.20 बजे उन्होंने अनशन समाप्त करने की घोषणा की.

अनशन के समापन पर उन्होंने गृहमंत्री पी. चिदंबरम के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें कहा गया है मीडिया का एक वर्ग भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की ‘प्रतिस्पर्धी लोकलुभावन कवरेज’ कर रहा है, जिससे संसदीय लोकतंत्र का अवमूल्यन हो रहा है.

हजारे ने बयान पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा, सरकार को अगर लगता है कि हम और हमारा आंदोलन संसदीय लोकतंत्र के लिए खतरा है तो उसे हमें जेल में डाल देना चाहिए.

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उन्होंने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा, ‘‘मैं अब तक गुंडों से लड़ा हूं और अब भी गुंडों से ही लड़ रहा हूं. मैं अब तक छह मंत्रियों की छुट्टी करा चुका हूं और मेरी कोशिशों के चलते 400 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है.’’

उन्होंने कहा ‘‘यह सब बताने के मायने यह हैं कि हिंसा का रास्ता अपनाए बिना ही, यह सब किया जा सकता है.’’ अन्ना ने चेतावनी दी अगर संसद के मानसून सत्र में लोकपाल विधेयक पारित नहीं हुआ, तो 16 अगस्त से जंतर-मंतर पर पहले से भी बड़ा आंदोलन करेंगे.

उधर, प्रशांत भूषण ने कहा कि इसी तरह सरकार को लोकपाल समिति की बैठकों का सीधा प्रसारण करने पर भी आपत्ति है. सरकार को शायद ऐसा लगता है कि बैठक का सीधा प्रसारण होने से वह अपना रुख खुलकर जाहिर नहीं कर पायेगी. हम यह सवाल करते हैं कि आखिर लोकपाल के मुद्दे पर ऐसी क्या गोपनीयता है कि सरकार बैठक का सीधा प्रसारण नहीं चाहती. भूषण ने सरकार के समक्ष यह भी पेशकश रखी कि वह चाहे तो लोकपाल विधेयक के अपने और हमारे मसौदे पर जनमत संग्रह करा ले.

केजरीवाल ने कहा कि राजघाट पर हुए अनशन के दौरान हमने लोकपाल के दायरे में प्रधानमंत्री, सांसदों के आचरण और उच्च न्यायपालिका को लाने के संबंध में जनता से सीधे सवाल किये. अनशन में शामिल जनता की एकराय थी कि तीनों मुद्दों को लोकपाल के दायरे में रखा जाना चाहिये.

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