अमेरिकी वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का एक समूह इंसानों पर ऊंचाई के प्रभावों का अध्ययन करने के लिए माउंट एवरेस्ट पर एक प्रयोगशाला की स्थापना कर रहा है.
मिनेसोता में मायो क्लिनिक से संबद्ध इस दल ने बताया कि उनकी विश्व के इस सबसे ऊंचे पर्वत शिखर पर चढ़ने का प्रयास करने वाले 9 पर्वतारोहियों का अध्ययन करने की योजना है. इस अध्ययन का उद्देश्य ऊंचे स्थान पर इंसानों शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना है, जिससे हृदय रोगियों और अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों के इलाज में मदद मिलेगी.
दल के नेता डॉक्टर ब्रूस जॉनसन और टीम के आठ अन्य सदस्यों ने शुक्रवार को एवरेस्ट के निकट लुकला हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरी.
एवरेस्ट पर आधार शिविर के निर्माण में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है. उनके 680 किलोग्राम के मेडिकल उपकरणों को ले जाने के लिए कई लोगों और याक की मदद लेनी पड़ सकती है. वे अपनी प्रयोगशाला को आधार शिविर के पास ही स्थापित करना चाहते हैं, जो कि 5,300 मीटर की ऊंचाई पर होगा.