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कर्नाटक संकट: राष्ट्रपति के समक्ष भाजपा विधायकों की परेड

कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगाने की वहां के राज्यपाल की सिफारिश को असंवैधानिक बताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य के मुख्यमंत्री और 114 विधायकों के साथ राष्ट्रपति से मुलाकात की और हंसराज भारद्वाज को तत्काल वापस बुलाने का आग्रह किया.

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कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगाने की वहां के राज्यपाल की सिफारिश को असंवैधानिक बताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य के मुख्यमंत्री और 114 विधायकों के साथ राष्ट्रपति से मुलाकात की और हंसराज भारद्वाज को तत्काल वापस बुलाने का आग्रह किया.

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राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाकात करके बहुमत प्राप्त सरकार को बर्खास्‍त किये जाने के राज्यपाल के असंवैधानिक प्रयासों के बारे में उन्हें जानकारी दी. हमने उनसे संरक्षण की मांग की.’

उन्होंने कहा कि 224 सदस्यीय विधानसभा में बी एस येदियुरप्पा सरकार को 122 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है और राज्यपाल विधानसभा में बहुमत साबित करने के प्रदेश सरकार के सुझाव पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. राष्ट्रपति के समक्ष हम इसी तथ्य को रखने आए थे.

गडकरी ने कहा, ‘हमने राष्ट्रपति को बताया कि कर्नाटक मंत्रिमंडल ने विधानसभा का सत्र बुलाकर बहुमत साबित करने की बात कही थी लेकिन राज्यपाल ने इसकी बजाए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी. बार-बार असंवैधानिक कार्य करने वाले भारद्वाज को वापस बुलाने की हमने मांग की.’

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राष्ट्रपति से मुलाकात करने गए भाजपा शिष्टमंडल में गडकरी के अलावा लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली, वरिष्ठ नेता अनंत कुमार, वेंकैया नायडु आदि शामिल थे. राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन में भाजपा ने राज्यपाल पर टकरावपूर्ण रुख अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि येदियुरप्पा के प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के दिन से ही राजभवन सरकार को परेशान करने के राजनीतिक हथियार के रूप में काम कर रहा है.

पार्टी ने राष्ट्रपति से अपनी शिकायत में कहा कि राज्यपाल कह चुके हैं कि वह पहले कांग्रेसी हैं. यह अपने आप में साबित करता है कि वह सक्रिय राजनीतिक के रूप में इस पद पर आए हैं. भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य का संवैधानिक प्रमुख होने के नाते वह मंत्री मंडल का सुझाव मानने को बाध्य हैं लेकिन भारद्वाज ऐसा करने से इंकार कर देते हैं.

राजनीतिक संकट की घड़ी में भाजपा आला कमान येदियुरप्पा का पूरा साथ दे रहा है. राष्ट्रपति से मिलने से पहले यहां भाजपा मुख्यालय में गडकरी ने येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली सरकार के ‘सुशासन’ की सराहना की. इससे पहले, भारद्वाज के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सोमवार को राजग नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भेंट करके राज्यपाल को वापस बुलाये जाने की मांग की. प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि कर्नाटक में कुछ भी असंवैधानिक नहीं होगा.

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