छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ी से जुड़ा एक दिलचस्प वाकया सामने आया है. दरअसल, छत्तीसगढ़ के एक कलेक्टर दवा के लिए लाइन में खड़े हो गए. जब वे दवा वितरण की जगह पहुंचे, तो मौजूद पैरा मेडिकल स्टाफ ने उन्हें तीन तरह की दवाएं बाहर, यानी किसी दुकान से खरीदने की सलाह दी.
इसके बाद कलेक्टर सीधे रेडक्रॉस के मेडिकल स्टोर्स पहुंचे और ब्रांडेड दवा देखकर अधिकारियों को फटकार लगाई. धमतरी के कलेक्टर भीम सिंह ने एक मरीज की पर्ची ली और मरीजों की लाइन में खड़े हो गए. जिला अस्पताल में वे पहले पहुंचे, मरीजों से चर्चा की, व्यवस्था देखी तथा साफ-सफाई भी देखी. उन्हें जब दवाई बाहर से खरीदते रहने की शिकायत मिली, तो उन्होंने एक मरीज से पर्ची ले ली और लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे.
जब उनकी बारी आई, तो शिकायत सही मिली. उनकी पर्ची देखकर पैरा मेडिकल स्टॉफ ने तीन तरह की दवाओं को बाहर के मेडिकल स्टोर्स से खरीदने की सलाह दी.
इसके बाद कलेक्टर ने काफी नाराजगी दिखाई. उन्होंने कर्मचारियों को तो डांटा ही, साथ ही सीधे रेडक्रॉस के मेडिकल स्टोर्स पहुंचे और वहां भी ब्रांडेड दवा रखा देखकर काफी नाराज हुए और जमकर फटकार लगाई.
गौरतलब है कि कलेक्टर को न तो अस्पताल के स्टाफ ने पहचाना था, न ही मेडिकल स्टोर के स्टाफ ने. भीम सिंह 2008 बैच के आईएएस है. हरियाणा के मूल निवासी हैं तथा पहली बार कलेक्टर बने हैं.