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नारायण साईं को उम्रकैद की सजा मिलने के बाद पत्नी ने कहा- अब लूंगी तलाक

आसाराम के बेटे नारायण साईं को बलात्कार के आरोप में सूरत सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. आजीवन कैद की सजा के बाद साईं की पत्नी जानकी हरपलानी ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले के बाद वह तलाक का मुकदमा दायर करने पर विचार कर रही हैं.

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नारायण साईं (फोटो- India Today)
नारायण साईं (फोटो- India Today)

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आसाराम के बेटे नारायण साईं को बलात्कार के आरोप में सूरत सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है.आजीवन कैद की सजा के बाद साईं की पत्नी जानकी हरपलानी ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले के बाद वह तलाक का मुकदमा दायर करने पर विचार कर रही हैं.

47 वर्षीय नारायण साईं की इंदौर निवासी पत्नी जानकी हरपलानी उर्फ शिल्पी ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, 'नारायण साईं को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के फैसले से उन सभी लोगों को बहुत बड़ी सीख मिलेगी जो धर्म के नाम पर महिलाओं के साथ कुकृत्य करते हैं.'

जानकी ने कहा, 'मैं कुछ साल पहले यह कहकर अपने पति से अलग हुई थी कि मैं उनके गलत कामों में उनका साथ नहीं दे सकती. अब मैं विचार कर रही हूं कि तलाक का मुकदमा दायर करूं, ताकि मैं अपने नए जीवन की शुरुआत कर सकूं.' साथ ही उन्होंने कहा, 'मैं सीए बनना चाहती हूं. मैं नहीं चाहती कि मेरे भावी जीवन में मेरा नाम नारायण साईं या उनके परिवार से किसी भी तरह से जोड़ा जाए.'

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हालांकि, जानकी ने बताया कि तलाक का मुकदमा दायर करने के अंतिम फैसले पर पहुंचने से पहले उन्हें भरण-पोषण, घरेलू हिंसा और प्रताड़ना के उन लंबित मामलों में फैसले का फिलहाल इंतजार है जो उन्होंने नारायण साईं और उनके परिवार के खिलाफ स्थानीय अदालत में दायर कर रखे हैं.

उन्होंने बताया कि कुटुम्ब न्यायालय ने जनवरी 2018 में नारायण साईं को आदेश दिया था कि वह उन्हें हर महीने 50,000 रुपये की दर से भरण-पोषण खर्च प्रदान करे.

जानकी ने कहा, 'अदालत के इस आदेश के बावजूद मुझे अपने पति की ओर से अब तक भरण-पोषण राशि नहीं दी गई है. हालांकि, मुझे भरोसा है कि मुझे इस सिलसिले में लंबित मामले में अदालत से इंसाफ मिलेगा.' नारायण साईं को मंगलवार को सूरत की एक अदालत ने बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

बता दें कि कोर्ट ने पिछले हफ्ते नारायण साईं को बलात्कार मामले में दोषी करार दिया था. साईं पर उसके आश्रम में रहने वाली दो बहनों ने बलात्कार का आरोप लगाया था. 2013 में सूरत की दो बहनों पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि आसाराम और नारायण साईं ने उनके साथ बलात्कार किया. दोनों बहनों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साल 2002 और 2005 में बाप-बेटे ने उनके साथ कई बार रेप किए. शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने नारायण को दिसंबर 2013 में गिफ्तार कर लिया था.

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गौरतलब है कि आसाराम को पिछले साल जोधपुर अदालत ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की नाबालिग युवती से बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया था और आजीवन कैद की सजा सुनाई थी.

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