वित्तीय संकट से जूझ रही सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया में एलटीसी घोटाले के बाद एक नया घोटाला उजागर हुआ है. एयर इंडिया के सतर्कता विभाग ने कर्मचारियों के परिजनों के लिए योजना में कथित तौर पर करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच सीबीआई के सुपुर्द कर दी है.
सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी के सतर्कता विभाग की जांच में पाया गया है कि फैमिली फेयर स्कीम के तहत कंपनी के साथ धोखाधड़ी कर बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया. इस योजना के तहत एयरलाइन के कर्मचारियों को साल में एक बार अपने परिवार को रियायती टिकट पर एक घरेलू स्थल पर ले जाने की छूट है.
एयर इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी बीके मौर्य ने कहा कि शुरुआती जांच में एक संदिग्ध ट्रैवल एजेंसी की पहचान की गई है, जिसने अकेले स्कीम के तहत संभावित धोखाधड़ी कर 6 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान कंपनी को पहुंचाया.
उन्होंने कहा कि हमने मामले को जांच सीबीआई को सौंप दी है. ऐसा संदेह है कि कई और ट्रैवल एजेंसियां इस मामले में लिप्त हो सकती हैं. इस बारे में एयर इंडिया के अधिकारियों को फोन और संदेश भेजे गए, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया.
सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि एयर इंडिया के सतर्कता विभाग की आंतरिक जांच से पता चलता है कि योजना के तहत अकेले उत्तरी क्षेत्र में अब तक कुल 5,916 टिकटों में कथित धोखाधड़ी हुई है. एयरलाइन के सतर्कता विभाग ने इसी प्रकार के लीव ट्रैवल कंशेसन घोटाले का पता लगाया था और सीबीआई फिलहाल मामले की जांच कर रही है.
शुरुआती जांच में पाया गया कि ज्यादातर फर्जीवाड़ा चेन्नई, पोर्ट ब्लेयर व कोलकाता, पोर्ट ब्लेयर मार्ग पर किया गया. इससे विमानन कंपनी को 2.70 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, लेकिन सरकारी खजाने को छह करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ.