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एयर इंडिया कर्मचारियों की लापरवाही का वीडियो वायरल

सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के कर्मचारियों का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो फ्लाइट उड़ाने की जगह 'शीला की जवानी' गाने पर नाच रहे हैं. पिछले साल 17 दिसंबर के इस वीडियों में महिला अफसर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हरप्रीत सिंह के प्रोमोशन की पार्टी में मशगूल होने के कारण मुंबई से लंदन जाने वाली फ्लाइट तीन घंटे देरी से उड़ान भर सकी. गुरुवार को यह विडियो वायरल हो गया.

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सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के कर्मचारियों का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो फ्लाइट उड़ाने की जगह 'शीला की जवानी' गाने पर नाच रहे हैं. पिछले साल 17 दिसंबर के इस वीडियों में महिला अफसर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हरप्रीत सिंह के प्रोमोशन की पार्टी में मशगूल होने के कारण मुंबई से लंदन जाने वाली फ्लाइट तीन घंटे देरी से उड़ान भर सकी. गुरुवार को यह विडियो वायरल हो गया और चर्चा का केंद्र बन गया.

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लेट होने वाली फ्लाइट AI-116 थी. लंदन से दिल्ली आने वाले इस प्लेन को 17 दिसंबर को खराब मौसम के चलते मुंबई डायवर्ट कर दिया गया था. मुंबई से बोइंग 787 ड्रीमलाइनर की उड़ान साढ़े नौ बजे निर्धारित थी, लेकिन फ्लाइट साढ़े 12 बजे उड़ पाई. ऑल इंडिया सर्विस इंजीनियर्स असोसिएशन (एआईएसईए) ने एयर इंडिया के चेयरमैन रोहित नंदन को उसी दिन चिट्टी लिखकर शिकायत की थी कि कर्मचारियों की लापरवाही के कारण विमान देरी से उड़ा.

वीडियो सामने आने के बाद एआईएसईए ने नंदन से दोबारा शिकायत की है और जांच व स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की है. 19 सितंबर को फिर से की गई शिकायत में कहा गया है, 'प्रमाण के रूप में वीडियो सामने आने के बाद कंपनी में जारी कुप्रबंधन की तरफ आपका ध्यान खींचने के लिए हम आपको दोबारा लिखने के लिए विवश हैं. कुप्रबंध के लिए दूसरे लोगों को दोषी ठहराया जाता है, जबकि जिम्मेदार लोगों का नाम कभी सामने नहीं आता है' यह शिकायत करने वाले वे इंजीनियर हैं, जो विमान की जांच करते हैं और इसे उड़ान भरने की मंजूरी देते हैं.

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वीडियों में एयर इंडिया के कई बड़े अधिकारी दिखाई दे रहें हैं. सूत्रों के अनुसार इन सभी अधिकारियों पर या तो प्रत्यक्ष रूप से या फिर उनके पद की वजह से परोक्ष रूप से AI-116 को दिल्ली रवाना करने की जिम्मेदारी थी. हालांकि, एयर इंडिया के प्रवक्ता ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया है. प्रवक्ता ने कहा, 'इस पर टिप्पणी करने से पहले हमें पर्याप्त समय चाहिए. हकीकत यह है कि वीडियो नौ महीने बाद आया है और संदिग्ध है, इसे देखे जाने की जरूरत है' उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दे हैं, जिन्हें आंतरिक तौर पर सुलझाने की जरूरत है और कर्मचारियों के मीडिया में जाने से यह नहीं होगा.

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