चीन के साथ मौजूदा वक्त में चल रहे तनाव के बीच भारतीय वायुसेना को मजबूती मिली है. ब्रह्मोस मिसाइल को हाल ही में कॉम्बैट क्लियरेंस मिल गया है. यानी अब वायुसेना को अगर जरूरत पड़ती है तो ब्रह्मोस मिसाइल को तैनात किया जा सकता है.
इसी साल जनवरी में ब्रह्मोस और सुखोई-30 का डेडली कॉम्बिनेशन हर किसी के सामने आया था, जिसके बाद वायुसेना को मजबूती मिलना तय था.
ब्रह्मोस कॉर्पोरेशन की ओर से इंडिया टुडे को इस बारे में बताया गया, ‘...अब फ्लीट रिलीज़ क्लियरेंस मिल गया है, जिसके बाद भारतीय वायु सेना के अधिकारी इस मिसाइल का इस्तेमाल किसी भी मिशन में कर पाएंगे”.
सुखोई-30 के साथ ब्रह्मोस मिसाइल है डेडली कॉम्बिनेशन, ये हैं फीचर्स
दरअसल, फ्लीट रिलीज़ क्लियरेंस किसी भी मिसाइल या हथियार का वो आखिरी पायदान होता है, जिसकी मंजूरी मिलने के बाद वो युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार होता है. यानी अब भारतीय वायुसेना जरूरत के हिसाब से ब्रह्मोस मिसाइल को किसी मिशन पर तैनात कर सकती है. आसान भाषा में ये भी कहा जा सकता है कि किसी भी युद्ध जैसी स्थिति के लिए ये मिसाइल अब पूरी तरह से तैयार है.
आपको बता दें कि ब्रह्मोस-A एक सुपरसोनिक लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल है, जो 300 किमी. तक की रेंज में दुश्मन को भेद सकती है. इस साल की शुरुआत में जनवरी में वायुसेना के लड़ाकू विमान सुखोई-30 के साथ इस मिसाइल का ट्रायल किया गया था.
गौरतलब है कि इस वक्त भारत का चीन के साथ तनाव चल रहा है और बात सैन्य तनाव तक पहुंच चुकी है. लद्दाख के इलाके में चीनी सेना अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रही है, साथ ही हथियारों और सामान की मुस्तैदी भी कर रही है. ऐसे में भारतीय सेना पूरी तरह से तैयार है, बीते दिनों बॉर्डर के पास बोफोर्स की भी तैनाती की गई थी.
देखें, जनवरी में जब साथ आए थे ब्रह्मोस और सुखोई 30...