आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने कैबिनेट विस्तार और पहली कैबिनेट मीटिंग से एक दिन पहले पार्टी विधायक दल की बैठक की. वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के मुखिया जगनमोहन रेड्डी अपनी पार्टी के विधायक दल की बैठक अमरावती के पार्टी कार्यालय में कर रहे हैं. इस बैठक में नवनिर्वाचित विधायक (एमएलए) और एमएलसी शामिल हैं. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने अपनी कैबिनेट में सभी को जगह देने और संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी की नई सरकार में पांच उपमुख्यमंत्री होंगे. जगनमोहन रेड्डी की कैबिनेट में 5 उप मुख्यमंत्री होंगे, जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और कापू समुदाय से हैं. उनके मंत्रिमंडल में कुल 25 कैबिनेट मंत्री होंगे और शनिवार को शपथग्रहण करेंगे. कैबिनेट विस्तार के बाद शनिवार को दोपहर 11:49 बजे ही जगनमोहन रेड्डी पहली कैबिनेट बैठक करेंगे.
YSRCP MLA Mohammed Mustafa Shaik: There will be 5 Deputy Chief Ministers in Andhra Pradesh cabinet. The Deputy CMs will be one each from Scheduled Caste, Scheduled Tribe, Backward Castes, Minority and Kapu community pic.twitter.com/sseMzcLbyi
— ANI (@ANI) June 7, 2019
इससे पहले विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करने के बाद 30 मई को जगनमोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उन्होंने अकेले ही शपथग्रहण किया था. आंध्र प्रदेश विधानसभा की 175 सीटों में से जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने 151 सीटों पर कब्जा जमाया. वहीं, तेलुगू देशम पार्टी को महज 23 सीटों और जनसेना पार्टी को सिर्फ एक सीट से संतोष करना पड़ा. इसके अलावा कांग्रेस को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा.
इसके अलावा लोकसभा चुनाव में भी जगनमोहन रेड्डी की पार्टी को जबरदस्त जीत मिली. राज्य की 25 लोकसभा सीटों में से 22 सीटों पर वाईआरएस कांग्रेस पार्टी ने कब्जा जमाया.
जगनमोहन रेड्डी ने पिता की तर्ज पर राज्य में यात्रा की
जिस तरह साल 2004 में जगनमोहन रेड्डी के पिता वाइएस राजशेखर रेड्डी ने राज्य का दौरा किया था, उसी तरह जगनमोहन रेड्डी ने भी सूबे का दौरा किया. उन्होंने साल 2018-19 में 341 दिनों में रिकॉर्ड तीन हजार 6 सौ 48 किलोमीटर की यात्रा की. इस दौरान रेड्डी ने एक करोड़ लोगों से निजी तौर पर मुलाकात की.