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जगन मोहन रेड्डी ने किए वादे पर वादे, कहां से लाएंगे एक लाख करोड़?

अगर आंध्र प्रदेश पर इस वक्त लदे कर्ज की बात करें तो यह 2.25 लाख करोड़ के ऊपर जा पहुंचा है, जो कि जीडीपी का 29 प्रतिशत है. ऐसे में कैसे लोकलुभावन वादों को पूरा करेंगे मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी.

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चुनावी वादों को पूरा करने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार को एक लाख करोड़ रुपये की जरूरत.
चुनावी वादों को पूरा करने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार को एक लाख करोड़ रुपये की जरूरत.

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आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए लोकलुभावन वादों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी  को कम से कम 1 लाख करोड़ रुपये चाहिए. उन्होंने गांवों में रोजगार सृजन करने से लेकर वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन, मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा, आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोत्तरी जैसे तमाम किए. जिसे पूरा करने के लिए धन का इंतजाम सबसे बड़ी चुनौती है. अगर आंध्र प्रदेश पर इस वक्त लदे कर्ज की बात करें तो यह 2.25 लाख करोड़ के ऊपर जा पहुंचा है, जो कि जीडीपी का 29 प्रतिशत है.

जगन की वाईएसआर कांग्रेस ने 175 में से 151 सीटें जीतकर इस बार आंध्र प्रदेश में सरकार बनाई है. अब उनकी प्राथमिकता राज्य की अर्थव्यवस्था की हालत सुधारने पर है. दरअसल, चंद्रबाबू नायडू की पिछली टीडीपी सरकार पर राज्य के खजाने के कुप्रबंधन के आरोप लगते रहे. अब जगन मोहन रेड्डी राज्य का कोष भरने के लिए सिस्टम बनाने में जुटे हैं. उन्होंने चुनाव से ठीक पहले चंद्रबाबू नायडू सरकार की ओर से शुरू की गई सैकड़ों करोड़ की तमाम परियोजनाओं को रोकने का फैसला किया है. इन परियोजनाएं को समीक्षा के बाद ही हरी झंडी मिलेगी. जगन मोहन रेड्डी ऐसे वक्त में मुख्यमंत्री बने हैं जब उनके राज्य में हैदराबाद जैसा शहर नहीं है. जिससे राज्य को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है.

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जगन के चुनावी वादों की लिस्ट पर गौर करें तो इसमें सबसे प्रमुख है शराब की बिक्री पर प्रतिबंध.अतीत में टीडीपी संस्थापक एनटी रामा राव और नायडू भी इस वादे को पूरा करने में विफल रहे हैं. जगन का मानना है कि केवल फाइव स्टार होटल तक ही शराब की बिक्री सीमित की जाए.

जगन मोहन रेड्डी ने 5 लाख 60 हजार ग्रामीणों को रोजगार देने की बात की है. साथ ही 40 हजार ग्राम स्वयंसेवकों का नेटवर्क बनाने और पांच हजार रुपये मानदेय देने, हर गांव में ग्रामीण सचिवालय बनाने और दस लोगों का स्टाफ तैयार करने के वादे किए हैं.  इसके लिए वर्ष 2019-20 के लिए लगभग 3700 करोड़ रुपये की जरूरत होगी.

बताया जा रहा है कि राज्य में धनराशि की जरूरतों को पूरा करने के लिए जगन मोहन रेड्डी केंद्र की तरह टकटकी लगाए हैं. जगन ने 26 मई को प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक भी की. माना जा रहा है कि यदि केंद्र पैकेज प्रदान करता है तो राज्य की वित्तीय स्थिति सुधर सकती है. बताया जा रहा है कि जगन मोहन रेड्डी की कोशिश केंद्र से आंध्र प्रदेश को स्पेशल स्टेटस के साथ 80 हजार करोड़ रुपये का पैकेज प्राप्त करने की है. तभी वह अपने 9 चुनावी वादों को पूरा कर पाएंगे.

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