राफेल डील के मुद्दे पर कांग्रेस और मोदी सरकार के बीच ठनी हुई है. लेकिन अब ये लड़ाई कांग्रेस बनाम अनिल अंबानी होती जा रही है. अनिल अंबानी ने पहले इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को दो चिट्ठियां लिखीं थी, और अब उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल को लीगल नोटिस थमा दिया है.
इस नोटिस में अनिल अंबानी ने सीधे तौर पर कहा है कि कांग्रेस प्रवक्ता बिना किसी सबूत के कोई आरोप ना लगाएं. सिर्फ वही बोलें जिसका उनके पास सबूत हो. अंबानी ने चेताया है कि कांग्रेस पार्टी या उनके प्रवक्ता किसी भी तरह की गलत इन्फॉर्मेशन ना फैलाएं.
Congress Spokesperson Jaiveer Shergill receives a cease & desist notice from Anil Ambani led Reliance Infrastructure, Reliance Defence & Reliance Aerostructure asking him to restrain from speaking on Rafale, failing which he will face legal consequences. pic.twitter.com/9yAa2zUcnB
— ANI (@ANI) August 22, 2018
अपने नोटिस में अनिल अंबानी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला, अशोक चव्हाण, संजय निरुपम, अभिषेक मनु सिंघवी और अन्य नेता गलत तथ्यों के साथ उनपर और उनके ग्रुप पर लांछन लगा रहे हैं. अब ग्रुप ने इन सभी के खिलाफ कोर्ट में मामला चलाने का तय किया है.
नोटिस में साफ लिखा गया है कि सभी नेताओं के पास राइट टू फ्रीडम जरूर है, लेकिन वह जिम्मेदारी के साथ ही बोलें और तथ्यों पर बोलें. ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस पार्टी मेरे संस्थान के खिलाफ एक कैंपेन चला रही है. बता दें कि राफेल डील के मुद्दे पर जयवीर शेरगील कांग्रेस की ओर से आक्रामक तौर पर बीजेपी और सरकार को घेर रहे हैं.
यहां पढ़ें अनिल अंबानी का राहुल गांधी को खत...
क्या हैं कांग्रेस के आरोप?
कांग्रेस का दावा है कि यूपीए सरकार ने जिस विमान की डील की थी, उसी विमान को मोदी सरकार तीन गुना कीमत में खरीद रही है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस नई डील में किसी भी तरह की टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर की बात नहीं हुई है. पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के मुताबिक यूपीए सरकार की डील के अनुसार, 126 में से 18 एयरक्राफ्ट ही फ्रांस में बनने थे बाकी सभी HAL के द्वारा भारत में बनने थे.