सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को पार्टी से निकालने के मामले में आड़े हाथों लिया. दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में केजरीवाल से मुलाकात के दौरान अन्ना ने उन्हें पार्टी में वापस लाने की सलाह भी दी.
मुलाकात से पहले अन्ना ने मीडिया से बातचीत के दौरान योगेंद्र और प्रशांत को पार्टी से बाहर किए जाने को गलत ठहराते हुए केजरीवाल के फैसले की निंदा की. अन्ना ने कहा, 'मतभेदों को बातचीत से दूर किया जा सकता है. हर समस्या का समाधान संभव है, इसके लिए हर किसी को गलतफहमी के दौरान बातचीत के जरिए समाधान तलाशने चाहिए.' उन्होंने योगेंद्र और प्रशांत को से समझौता कर पार्टी में वापस लाने की बात भी केजरीवाल से कही.
बोले अन्ना- एक हाथ से ताली नहीं बजती
दिल्ली में उपराज्यपाल नजीब जंग और केजरीवाल के बीच चल रहे विवाद को लेकर जह अन्ना से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार और केंद्र को शांतिपूर्वक सभी मुद्दों को सुलझा लेना चाहिए. अन्ना ने कहा, 'ताली एक हाथ से नहीं बजती.'
बता दें कि रविवार को अन्ना ने दिल्ली के जंतर मंतर में मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए सैनिकों के हित में 'वन रैंक वन पेंशन' (OROP) को जल्द लागू करने की मांग की. उन्होंने कहा कि बीजेपी अपने वादे से मुकर रही है. अगर वह इसे जल्द लागू नहीं करते तो अगले महीने देश भर में विरोध प्रदर्शन होंगे.
दो अक्तूबर से भूख हड़ताल करेंगे अन्ना
अन्ना ने कहा, 'अगर हम घर में चैन की नींद सोते हैं तो वह हमारे सैनिकों की वजह से ही संभव है. OROP को लागू करवाने के लिए मैं हर संभव कोशिश करूंगा.' अन्ना ने पहले ही ऐलान कर रखा है कि वह मोदी सरकार की ओर से पेश किए गए भूमि अधिग्रहण बिल और OROP को लेकर 2 अक्तूबर से अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे.