फिल्म अभिनेता अनुपम खेर शुक्रवार को दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी(JNU) में देश विरोधी नारेबाजी के मामले पर जमकर बरसे. जेएनयू कैंपस में अपनी फिल्म 'बुद्धा इन ए ट्रैफिक जाम' की स्क्रीनिंग के मौके पर अनुपम खेर ने कहा कि राष्ट्र विरोधी नारा लगाने वाला कोई हीरो कैसे हो सकता है?
अनुपम खेर की फिल्म 'बुद्धा इन ए ट्रैफिक जाम' में जेएनयू जैसे कैंपस की जिंदगी दिखाने की कोशिश की गई है. अनुपम खेर ने इससे पहले बयान दिया था कि उनकी ये फिल्म जेएनयू में क्यों नहीं दिखाई जा रही है. हालांकि, अब अनुपम खेर को कैंपस में इस फिल्म की स्क्रीनिंग की इजाजत मिली है.
इस मौके पर अनुपम खेर ने देश विरोधी नारेबाजी का जिक्र करते हुए कहा कि आपको भूखमरी से आजादी चाहिए...ये बताएं कि आपने इसके लिए क्या किया. अनुपम खेर ने सवाल खड़ा किया कि ऐसा करने वाले बताएं कि देश के लिए उनका क्या योगदान है?
अनुपम खेर ने कहा कि कुछ लोग राष्ट्र विरोधी नारेबाजी करने वाले छात्रों को हीरो बनाने में जुटे हैं लेकिन क्या ये सही है? नारा लगाने वाले छात्रों पर हमला करते हुए अनुपम खेर ने कहा कि आप कहते हैं मेरे माता-पिता गरीब हैं तो आपने अपने माता-पिता के लिए कुछ किया? राष्ट्र विरोधी नारेबाजी के आरोपों में बेल पर बाहर आए छात्र को हीरो बनाने की कोशिश हो रही है. अनुपम खेर ने एक शेर भी पढ़ा- 'उम्र भर अपने गिरेबां से उलझने वाले तू मुझे मेरे ही साए से डराता क्या है'.
अनुपम खेर के इस कार्यक्रम के दौरान लेफ्ट संगठनों से जुड़े कुछ छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन भी किया.