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सऊदी ड्रोन अटैक से भारत में चिंता! तेल सप्लाई को लेकर पेट्रोलियम मंत्री की कंपनी से बात

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हमने अपनी तेल कंपनियों के साथ सितंबर के महीने में कच्चे तेल की आपूर्ति की समीक्षा की है. हमें विश्वास है कि भारत को आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं होगा.

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केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (फाइल फोटो-ANI)
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (फाइल फोटो-ANI)

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  • तेल संयत्र के हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
  • भारत को आपूर्ति में नहीं होगा कोई व्यवधान

सऊदी अरब में आरामको के तेल संयंत्र पर ड्रोन हमले से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है. इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आरामको के अधिकारियों से बातचीत की है.

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आरामको के तेल संयंत्र पर हमलों के बाद वहां के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क किया गया है. रियाद में भारतीय राजदूत ने भारत को लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आरामको के वरिष्ठ प्रबंधन से भी संपर्क किया.

उन्होंने कहा कि हमने अपनी तेल कंपनियों के साथ सितंबर के महीने में कच्चे तेल की आपूर्ति की समीक्षा की है. हमें विश्वास है कि भारत को आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं होगा. हम स्थिति की निगरानी कर रहे हैं.

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दरअसल सऊदी अरब में आरामको के तेल संयंत्र पर ड्रोन हमले के बाद वैश्विक बजार में कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हो गया है. लंदन का ब्रेंट क्रूड फ्यूचर 19.5 फीसदी बढ़कर 71.95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया.

दावा किया जा रहा है कि 14 जून 1991 के बाद कच्चे तेल की कीमतों में सबसे बड़ा उछाल है. जानकारों का मानना है कि मंदी का सामना कर रहे भारत के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर 15.5 फीसदी चढ़कर 63.34 अरब प्रति बैरल तक पहुंच गया जो 22 जून, 1998 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर पर हैं.

जानकारों का मानना है कि सऊदी अरब के प्लांट में तेल आपूर्ति सामान्य होने में कई हफ्ते लग सकते हैं. इस हमले से करीब 5 फीसदी ग्लोबल सप्लाई पर असर पड़ा है. अगले एक हफ्ते में ही कच्चे तेल की कीमतों में 15 से 20 डॉलर प्रति बैरल की बढ़त हो सकती है.

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