भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री जम्मू-कश्मीर के मामले पर लगातार ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को बधाई दी है. साथ ही उन्होंने विपक्ष को भी घेरा है. उन्होंने अपने पहले ट्वीट में लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर नीति को लेकर जो कदम उठाया है वह असंभव था. अरुण जेटली ने ट्वीट किया है कि उन्होंने अपने ब्लॉग में मोदी सरकार के इस फैसले की विवेचना की है. इसमें जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को लेकर इतिहास में हुए असफल प्रयासों का भी जिक्र किया गया है.
दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा है कि सात दशकों से कभी भी जम्मू-कश्मीर को लेकर सही कदम नहीं उठाया गया. वहां जुड़ाव कि नहीं अलगाववाद की बात होती रही. इससे वहां पर अलगाववादी मानसिकता का विकास हुआ. पाकिस्तान कई दशकों से इसी मानसिकता का फायदा उठाता आया है. कांग्रेस पार्टी तो हेडलेस चिकन की तरह है. वो भारत के लोगों से अब दूर जा रहा है. नया भारत बदल चुका है. सिर्फ कांग्रेस इस बात को समझ नहीं पा रही है. कांग्रेस नेतृत्व लगातार रेस में नीचे से अव्वल आने की ओर भाग रही है.
Congress Party, as a ‘headless chicken’, is further consolidating its alienation from the people of India. The New India has changed. Only the Congress does not realise this. The Congress leadership is determined to succeed in its race to the bottom.
— Arun Jaitley (@arunjaitley) August 6, 2019
कश्मीरी पंडितों ने नाजियों जैसा दर्द झेला
1989-90 के दौरान जम्मू-कश्मीर नियंत्रण से बाहर हो गया था. अलगाववाद के साथ आतंकवाद भी तेजी से फैलने लगा. कश्मीरियत के अभिन्न हिस्से के रूप में मौजूद कश्मीरी पंडितों को उसी तरह की त्रासदी का सामना करना पड़ा जैसा नाजियों ने झेला था. नस्लीयता के शिकार कश्मीरी पंडितों को अपनी जगह छोड़कर जाना पड़ा.
By 1989-90, the situation of J&K had gone out of control and separatism with terrorism picked up. Kashmiri pundits, an essential part of Kashmiriat, suffered such atrocities which only the Nazis had inflicted in the past. The ethnic cleansing took place and they had to move out.
— Arun Jaitley (@arunjaitley) August 6, 2019
श्यामा प्रसादजी की दृष्टि सही थी, पंडितजी का सपना गलत
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने के चक्कर में इतिहास में जो गलतियां हुईं उससे राजनीतिक और आर्थिक नुकसान हुआ. आज, फिर से इतिहास लिखा गया है. इससे प्रमाणित होता है कि कश्मीर को लेकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जो दृष्टि थी वह सही थी. वहीं, पंडितजी का जो सपना था वह असफल हो गया.
The historic blunders of special status had cost the country politically and financially. Today, when history is being re-written, it proves that Dr. Syama Prasad Mookerjee’s vision on Kashmir was the correct one and Panditji’s dream solution has proved to be a failure.
— Arun Jaitley (@arunjaitley) August 6, 2019
जैसा कानून पूरे देश में होगा, वैसा ही कश्मीर भी लागू होगा
पिछले 70 सालों में इस मामले को सुलझाने के लिए जो भी प्रयास किए गए वे असफल रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैकल्पिक रास्ता चुना. केंद्र सरकार के वर्तमान निर्णय से स्पष्ट हो गया है कि जैसा कानून पूरे देश में लागू है, वैसा ही जम्मू-कश्मीर में भी रहेगा. अगर आप पिछले 10 महीनों को देखें तो घाटी में कोई विरोध-प्रदर्शन नहीं हुए हैं. श्रीनगर में तो एक भी नहीं. कानून व्यवस्था के चलते लाखों कश्मीरी शांतिपूर्ण जीवन जी रहे हैं. इसकी वजह से अलगाववादियों और आतंकवादियों में बौखलाहट है. अगला जो भी कदम होगा उससे जम्मू-कश्मीर पूरी तरह से विकास के रास्ते पर चलेगा.
The last ten months have not seen any protest. Not even in Srinagar. Law and order enforcement, making life safe for lakhs of Kashmiris and pressuring handful of separatists and terrorists has been at its best. The next logical step obviously is total integration of the State.
— Arun Jaitley (@arunjaitley) August 6, 2019
प्रधानमंत्री ने दूरदृष्टि, ताकत और ढृढ़ता से इतिहास रच दिया
मोदी सरकार के इस फैसले से पंडितजी द्वारा लिया गया फैसला पलट जाएगा. ऐसा करने के लिए दूरदृष्टि, ताकत और ढृढ़ता चाहिए. इसके लिए राजनीतिक हिम्मत की भी जरूरत पड़ती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दूरदृष्टि, ताकत और ढृढ़ता से इतिहास रच दिया है. देश के सबसे खूबसूरत राज्य में न तो होटलों में निवेश होता है, न ही वहां पर रोजगार है, न ही राज्य के लिए कोई राजस्व पैदा हो रहा है. इन सभी समस्याओं का समाधान अब होगा. केंद्र सरकार नए कानून के जरिए जम्मू-कश्मीर को विकास के रास्ते पर ले जाएंगे.
The decision to reverse the situation created by Panditji needed clarity, vision and determination. It also needed political courage. The Prime Minister has created history through his absolute clarity and determination.
— Arun Jaitley (@arunjaitley) August 6, 2019
कांग्रेस पार्टी तो समस्या खड़ी करती है, लेकिन उसे कारण नहीं दिखता
इस कदम का कई विपक्षी पार्टियों से विरोध भी किया है कइयों ने समर्थन भी किया है. समर्थन करने वाले दलों ने जमीनी सच्चाई जान ली है. अगर वे ऐसा नहीं करते तो उन्हें जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ता. दुख की बात है कि कांग्रेस पार्टी की परंपरा रही है पहले समस्या खड़ी करो फिर उसमें और दिक्कतें जोड़ों. लेकिन वे समस्या के कारणों को देख नहीं पा रहे हैं.