तकरीबन 34 साल के बाद 1984 सिख दंगे से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की डबल बेंच ने सोमवार को ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए सज्जन कुमार को दंगे के लिए दोषी माना और उम्रकैद की सजा दे दी. उन्हें आपराधिक षडयंत्र रचने, हिंसा कराने और दंगा भड़काने का दोषी पाया गया है.
इस फैसले पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने खुशी जताते हुए कहा कि हम इसका स्वागत करते हैं. इस मामले में फैसला देर में आया लेकिन न्याय मिलना शुरू हुआ यह बड़ी बात है. कांग्रेस पार्टी के पाप धुल नहीं सकते जिस ढंग से उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर पर्दा डालने की हमेशा कोशिश की. कांग्रेस पार्टी के ऊपर से यह पाप कभी हट नहीं सकता हजारों कत्ल करके माफी मांग लेने से यह मामला खत्म नहीं हो सकता.
जेटली ने कहा कि यह भी एक विडंबना है कि सिख समुदाय जिस व्यक्ति को दंगों में भूमिका मानते हैं आज उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है. जेटली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार ने हमेशा इस पूरे मामले में पर्दा डालने की कोशिश की. जिस भीड़ ने हजारों लोगों की हत्या की कांग्रेस के नेता उसका नेतृत्व कर रहे थे. जांच आयोग बनाए गए इसको लेकर उसने भी किसी को जिम्मेदार नहीं माना और बाद में उसी जज को राज्यसभा का सदस्य बनाया गया.
अलग अलग कमेटियां बैठाई गईं, लेकिन उसमें भी कुछ नहीं हुआ. मोदी सरकार आने के बाद एसआईटी बनाई गई उसके बाद से सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल दिया और फिर न्याय मिलना शुरू हुआ.