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पारदर्शिता की मांग पर केजरीवाल ने मुझे टीम अन्ना से निकाला था- कासमी

आम आदमी पार्टी की कलह में टीम अन्ना के पूर्व सदस्य मुफ्ती शमून कासमी भी कूद पड़े हैं. कासमी ने कहा कि जब उन्होंने पारदर्शिता और इंडिया अगेन्स्ट करप्शन को मिलने वाले चंदे का मामला उठाया तो केजरीवाल ने उन्हें टीम अन्ना से बाहर का रास्ता दिखा दीया.

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अन्ना आंदोलन खत्म होते ही केजरीवाल ने पार्टी बनाई थी.
अन्ना आंदोलन खत्म होते ही केजरीवाल ने पार्टी बनाई थी.

आम आदमी पार्टी की कलह में टीम अन्ना के पूर्व सदस्य मुफ्ती शमून कासमी भी कूद पड़े हैं. कासमी ने कहा कि जब उन्होंने पारदर्शिता और इंडिया अगेन्स्ट करप्शन को मिलने वाले चंदे का मामला उठाया तो केजरीवाल ने उन्हें टीम अन्ना से बाहर का रास्ता दिखा दिया .

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कासमी ने कहा, 'टीम अन्ना में रहकर जिन मुद्दों को मैं उठा रहा था, प्रशांत भूषण भी आज उन्हीं मुद्दों को उठा रहे हैं.' कासमी ने कहा कि मैने बैठकों में पारदर्शिता लाने और इंडिया अंगेस्ट करप्शन के चंदे को पब्लिक कॉज रिसर्च फाउंडेशन (पीसीआरएफ) में डालने की बात कही थी, अगर उसी समय लोगों ने साथ दिया होता तो 'आप' में तानाशाही की समस्या ना होती.'

कासमी के मुताबिक, 'टीम अन्ना में भी चंद लोग फैसले करते थे और बाकी लोगों का काम उन पर सिर्फ मुहर लगाना होता था. मैने उस वक्त भी अपना विरोध दर्ज कराया था. इसीलिए केजरीवाल को उनका अन्ना टीम में रहना बर्दाश्त नहीं था.'

उन्होंने कहा, 'शुरुआत में मुझे लग रहा था कि 'आप' सभी दलों को स्वच्छता और पारदर्शिता की राजनीति पर चलने के लिए मजबूर कर देगी मगर इस पार्टी के मौजूदा घटनाक्रम ने स्वच्छ राजनीति की चाह रखने वाले लोगों को निराश कर दिया है.'

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