ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी को चर्चा के दौरान लोकसभा में फाड़ दिया. असदुद्दीन ओवौसी नागरिकता बिल पर बोल रहे थे. ओवैसी ने कहा कि देश का एक और बंटवारा होने वाला है, यह कानून हिटलर के कानून से भी बदतर है.
गांधी का जिक्र करते हुए ओवैसी ने भाषण के दौरान ही बिल की कॉपी फाड़ दी. ओवैसी ने इस बिल को संविधान की मूल आत्मा के विरुद्ध भी बताया है. इससे पहले भी ओवैसी धार्मिक आधार पर नागरिकता बिल को लाने का विरोध करते रहे हैं. ओवैसी की इस हरकत को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया है.
AIMIM leader Asaduddin Owaisi tore a copy of #CitizenshipAmendmentBill2019 in Lok Sabha. pic.twitter.com/pzU1NtutD8
— ANI (@ANI) December 9, 2019
शिरोमणि अकाली दल ने नागरिकता संशोधन बिल का किया समर्थन
असदुद्दीन ओवैसी ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि चीन के बारे में सरकार क्यों नहीं बोलती. नागरिकता बिल हिटलर के कानून से भी बदतर है. एक और बंटवारा होने जा रहा है. नागरिकता बिल से देश को खतरा है. इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल के विरोध में अपनी बात रखी और कहा कि मुल्क को ऐसे कानून से बचा लीजिए.
'SC के फैसले का उल्लंघन'
असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में कहा कि सेक्युलिरज्म इस देश के बेसिक स्ट्रक्चर का हिस्सा है. यह बिल हमारे मूल अधिकारों का हनन करता है. हमारे मुल्क में सिटिजनशिप का कॉन्सेप्ट सिंगल है. आप यह बिल लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन कर रहे हैं. मैं आपसे हाथ जोड़कर अपील कर रहा हूं कि मुल्क को ऐसे कानून से बचा लीजिए. इस दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने कुछ ऐसे शब्दों का विरोध भी किया, जिसे बाद में लोकसभा की कार्यवाही से हटा लिया गया.
इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने जब बिल को पेश किया तो जोरदार हंगामा हुआ. कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी, टीएमसी के सासंद सौगत रॉय ने इस बिल को संविधान का उल्लंघन बताया. कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने कहा कि ये बिल संविधान के आर्टिकल 14 का उल्लंघन करता है, ऐसे में हम इसका विरोध करते हैं.