लोकसभा में लाए गए 124वें संविधान संशोधन पर चर्चा के दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सामान्य श्रेणी को आरक्षण की व्यवस्था का विरोध किया. उन्होंने मोदी सरकार के इस कदम को संविधान के साथ खिलवाड़ करार देते हुए संविधान निर्माता बीआर अंबेडकर का अपमान बताया.
ओवैसी ने सवर्णों को आरक्षण का विरोध करते हुए बिंदुवार तरीके से अपने तर्क पेश किए. उन्होंने कहा, 'मैं इस बिल का विरोध करता हूं क्योंकि यह बिल संविधान के साथ खिलवाड़ करने वाला है और अंबेडकर का अपमान करता है.' उन्होंने कहा आर्थिक आधार पर जो यह बिल लाया गया है, वह संविधान की आत्मा के खिलाफ है.
सवर्ण जातियों को आरक्षण की मुखालफत करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने मुसलमानों के लिए बनाई गई सच्चर कमेटी की रिपोर्ट का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सवर्ण जातियों के आर्थिक पिछड़ेपन का कोई आंकड़ा मौजूद नहीं है, बावजूद इसके उन्हें आरक्षण दिया जा रहा है. जबकि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट साफ तौर पर कहती है कि देश के मुसलमानों की हालत कितनी बदतर है, लेकिन उस दिशा में कुछ नहीं किया जाता है. ओवैसी ने इस बिल को समानता के खिलाफ भी बताया.
अपने बयान के आखिरी हिस्से में ओवैसी ने बताया कि यह आरक्षण व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 15 व 16 के भी खिलाफ है, जिसमें आर्थिक आधार की कोई गुंजाइश नहीं है. ओवैसी ने यह तर्क देते हुए कहा कि कोर्ट में यह बिल टिक नहीं पाएगी और सरकार इसे पास नहीं करा सकती है.
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