खुद को बेगुनाह बताने और कानून के शिकंजे से खुद को बचाने के लिए आसाराम ने जितने भी बहाने बनाए थे, एक-एक कर अब सब बेनकाब होते जा रहे हैं. आसाराम ने कहा था कि उन्हें कोई न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसे जोधपुर के डॉक्टरों ने गलत करार दिया है. इससे पहले पोटेंसी टेस्ट में भी आसाराम फिट पाए गए.
सोमवार फिर होगा आसाराम की पेशी
यौन उत्पीड़न केस में फंसे आसाराम की सोमवार को फिर जोधपुर की जिला अदालत में पेशी होगी. शनिवार की देर रात गिरफ्तारी के बाद रविवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था. अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड में भेजा था. आसाराम ने कोर्ट से आश्रम में ही रहने की इजाजत मांगी थी. लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया था.
हवालात की पहली रात
12 दिनों की लुकाछिपी के बाद आसाराम गिरफ्तार हुए और रिमांड के दौरान उन्हें जोधपुर में आरएसी के प्रथम बटालियन के मेस में रखा गया. हवालात की पहली रात में आसाराम से घंटों तक पूछताछ होती रही. इस दौरान आसाराम ने खाने के लिए फल और दूध मांगा, तो उन्हें दो केले, दो सेव और एक गिलास दूध दिया गया. रात साढ़े बारह बजे उन्हें सोने की इजाजत मिली थी.
अपने गुरुकुल की लड़की के यौन उत्पीड़न के केस में फंसे आसाराम से जोधपुर पुलिस ने घंटों की पूछताछ की. पुलिस ने आसाराम से ये जानने की कोशिश की थी कि आखिर उस रात हुआ क्या था. पड़ताल के लिए पुलिस आसाराम को लेकर उस मड़ई आश्रम भी पहुंची, जहां उस घिनौनी घटना के आरोप लगे थे. जांच के लिए पुलिस पूरे घटनाक्रम का री-क्रिएशन भी करवाएगी.
कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद आसाराम को सबसे पहले जोधपुर के संपूर्णानंद अस्पताल ले जाया गया, जहां, उनके दो पोटेंसी टेस्ट हुए. खबर है कि दोनों में ही आसाराम बिल्कुल फिट पाए गए. खुद पर लगे आरोपों के बाद आसाराम ने ये दलील दी थी कि 72 साल की उम्र में उनपर ऐसे आरोप लगाना बिल्कुल झूठ है.
आसाराम को लेकर संग्राम
आसाराम को लेकर देश के कई शहरों में हंगामा मचता रहा. कहीं उनके समर्थन में लोग सड़कों पर उतरे, तो कहीं उनके विरोध में आवाज बुलंद हुई. इंदौर से जब उन्हें दिल्ली के रास्ते जोधपुर ले जाया जा रहा था, तो दिल्ली एयरपोर्ट के बाहर उनके समर्थक नारे लगाते नजर आए. जोधपुर में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता आसाराम के विरोध में आवाज बुलंद करते नजर आए.
आसाराम पर गरम सियासत
आसाराम को लेकर सियासत गरमाती जा रही है. वीएचपी के एक के बाद एक कई नेता आसाराम के समर्थन में सामने आते जा रहे हैं. नया नाम है अशोक सिंघल का. दूसरी तरफ कांग्रेस और बीजेपी जैसी बड़ी पार्टी बस ये कहकर खुद को बचाने में लगी है कि कानून का मामला है और कानून अपना काम कर रहा है. हालांकि आसाराम के खिलाफ शुरू से ही आवाज बुलंद करने वाले जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव ने एक बार फिर कहा है कि अब तो बाबा बेनकाब होंगे ही.
राष्ट्रपति से पीड़ित की गुहार
आसाराम यौन शोषण मामले में पीड़ित लड़की के पिता ने राष्ट्रपति समेत सभी पार्टियों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि सभी लोग उनके परिवार का हिस्सा बनकर उनके साथ आएं. उन्होंने कहा कि देश के लोग उन्हें कमजोर ना पड़ने दे क्योंकि उनकी लड़ाई आसाराम जैसे ताकतवर शख्स से है. पीड़िता के पिता ने आसाराम के समर्थन में धरना प्रदर्शन कर रहे समर्थकों से भी अपील की है कि वो सच का साथ दें.