बीते कुछ दिनों में हुई बारिश ने असम में जबरदस्त तबाही मचाई है. प्रदेश के तीन जिलों में भूस्खलन के कारण 20 लोगों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं. मृतक मुख्य रूप से दक्षिणी असम के बराक घाटी क्षेत्र के तीन अलग-अलग जिलों से हैं. कई अन्य घायल हैं. राहत और बचाव कार्य जारी है.
भूस्खलन के कारण मरने वालों में कछार जिले के सात, हैलाकांडी जिले के सात और करीमगंज जिले के छह लोग शामिल हैं. इस इलाके में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है. इस वजह से मंगलवार को बराक घाटी क्षेत्र में भूस्खलन हो गया, जिसमें 20 लोगों की मौत हो गई.
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कछार जिले में लगातार बारिश के कारण मंगलवार को भूस्खलन हुआ. इस हादसे में तीन नाबालिगों समेत एक परिवार के सात लोग एक घर के नीचे दब गए. घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सात शव निकाल लिए गए हैं. करीमगंज जिले में भूस्खलन के कारण एक परिवार के 5 लोगों सहित 6 लोगों की मौत हो गई.
वहीं, हैलाकांडी जिले में दो भूस्खलन के हादसे में सात लोगों की मौत हो गई.असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने जिला प्रशासन को घायल व्यक्तियों की मदद के लिए आवश्यक कदम उठाने और मृतक व्यक्तियों के अगले परिजनों को अनुग्रह राशि देने करने का निर्देश दिया है.
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असम पहले से ही बड़े पैमाने पर बाढ़ से जूझ रहा है, जिससे लगभग 3.72 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. कई लोग राहत शिविर में शरण लिए हुए हैं. बाढ़ से गोलपारा जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, इसके बाद नागांव और होजाई जिला है. बाढ़ में 9 लोगों की मौत हो गई है और 348 गांव जलमग्न हैं.
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा है कि लगभग 27,000 हेक्टेयर में फसलें खराब हो गई हैं. हालांकि, बारिश थमने के बाद बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या 11 से घटकर 3 हो गई है. गोलपारा जिले में बाढ़ से 1.48 लाख लोग प्रभावित हैं.