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हस्‍ताक्षर के साथ पूरा हुआ एटमी करार

भारत और अमेरिका के विदेश मंत्रियों के हस्‍ताक्षर के साथ ही ऐतिहासिक परमाणु करार पूरा हो गया. इससे पहले अमेरिकी राष्‍ट्रपति जॉर्ज बुश करार संबंधी भारत की सारी आशंकाओं पर अपनी राय स्‍पष्‍ट कर चुके हैं.

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प्रणव मुखर्जी और कोंडालीजा राइस
प्रणव मुखर्जी और कोंडालीजा राइस

भारत और अमेरिका के विदेश मंत्रियों के हस्‍ताक्षर के साथ ही दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक परमाणु करार पूरा हो गया. इससे पहले अमेरिकी राष्‍ट्रपति जॉर्ज डब्‍ल्‍यू बुश करार संबंधी भारत की सारी आशंकाओं पर अपनी राय स्‍पष्‍ट कर चुके हैं.

भारतीय विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस ने विदेश विभाग के बेंजामिन फैंकलिन कक्ष में भारतीय समयानुसार शनिवार रात(स्‍थानीय समयानुसार शुक्रवार शाम चार बजे) द्विपक्षीय 123 समझौते पर हस्‍ताक्षर कर दिए. मुखर्जी शुक्रवार सुबह भारत और अमेरिकी सरकार के बीच परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के सहयोग संबंधी इस समझौते पर हस्‍ताक्षर करने अमेरिका पहुंचे थे.

दोनों मंत्रियों ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति जॉर्ज बुश द्वारा करार संबंधी विधेयक पर हस्‍ताक्षर और परमाणु ईंधन और खर्च किए गए ईंधन के पुनर्संसाधन के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता को दोहराए जाने के ठीक दो दिन बाद समझौते पर हस्‍ताक्षर किए.

बुश ने बुधवार को विधेयक पर हस्‍ताक्षर के दौरान समझौते को अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण बताते हुए आश्‍वस्‍त किया था कि परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के तहत भारत को उसके असैन्‍य परमाणु रिएक्‍टरों के लिए विश्‍वसनीय तरीके से परमाणु आपूर्ति की जाएगी.

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