पाकिस्तान से आया एक प्रतिबंधित यूट्यूब वीडियो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भड़के दंगों के लिए जिम्मेदार है. इस क्लिप में दिखाया गया है कि कैसे साल 2010 में सियालकोट में भीड़ ने दो भाइयों को पीट-पीटकर लहू-लुहान कर उनकी हत्या कर दी.
मुजफ्फरनगर में पिछले हफ्ते एक वीडियो क्लिप बांटी गई, जिसमें पाकिस्तान के शहर सियालकोट में दो भाइयों की हत्या करते हुए दिखाया गया था. शनिवार तक यह क्लिप वायरल हो गई और दंगे भड़क गए, जिसके चलते 28 लोगों की मौत हो गई.
इस क्लिप में दिखाया गया था कि 15 अगस्त 2010 को उत्तर पूर्व लाहौर से 128 किलोमीटर दूर स्थित सियालकोट में दो भाइयों मुगहीस (17) और मुनीब (15) को डाकू समझकर भीड़ ने इस कदर पीटा कि उनकी मौत हो गई. उन्हें ईंट, पत्थर, लोहे की छड़ और हॉकी स्टिक स्टिक से तब तक मारा गया जब तक कि उन्होंने दम नहीं तोड़ा. बाद में जांच में सामने आया कि पुलिसवाले तमाशबीन बने रहे. यह नहीं वह भीड़ को उकसा भी रहे थे.
यही नहीं, बेरहमी से मारने के बाद दोनों के शवों को पानी के पाइप से बांध दिया गया. इस वीडियो क्लिप ने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया. लोकल चैनल ने वीडियो फुटेज को प्रसारित किया और सुप्रीम कोर्ट ने इसके खिलाफ नोटिस भी जारी किया. साल 2011 में एक आतंकवाद विरोधी अदालत ने इस मामले में सात लोगों को मौत की सजा सुनाई. सियालकोट पुलिस प्रमुख सहित नौ पुलिसवालों को तीन साल की सजा दी गई. इस वीडियो को प्रतिबंधित कर दिया गया था.