बार काउंसिल ऑफ इंडिया की 31 मार्च को एक बेहद महत्वपूर्ण मीटिंग होने जा रही है. ये बैठक महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि इसमें हाल ही में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के खिलाफ राज्यसभा में महाभियोग चलाने के लिए कांग्रेस व कुछ और पार्टियां राज्यसभा में प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं.
इस मुद्दे पर है बार काउंसिल की बैठक
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने बताया कि मीटिंग में मुख्य रूप से इस बात पर बहस की जाएगी कि क्या वो एडवोकेट्स, जो प्रैक्टिस कर रहे हैं, लेकिन सांसद भी हैं, क्या वो महाभियोग की कार्यवाही में हिस्सा ले सकते हैं या नहीं.
शनिवार को 11 बजे बैठक, 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस
इसको लेकर BJP के प्रवक्ता अश्वनी उपाध्याय की तरफ से एक याचिका भी लगाई गई है, जिसमें कहा गया है कि सांसद वकील के तौर पर कोर्ट में प्रैक्टिस नहीं कर सकते, अगर वो सांसद के तौर पर भत्ता भी ले रहे हैं. बार काउंसिल ऑफ इंडिया की मीटिंग सुबह शनिवार 11:00 बजे से शुरू होगी और काउंसिल ने क्या तय किया है इसको लेकर काउंसिल 2:00 बजे पत्रकारों से भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मुखातिब होगी.
सांसदों का हस्ताक्षर अभियान
दरअसल कांग्रेस और लेफ्ट पार्टी की तरफ से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग चलाने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए सांसदों का हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है. अगर 50 सांसद महाभियोग के लिए हस्ताक्षर कर देते हैं, तो यह किया जा सकता है.
CJI पर कभी नहीं चला महाभियोग
अगर महाभियोग चलाने की अनुमति मिली तो भारत के इतिहास में यह पहली बार होगा कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया पर महाभियोग की स्वीकृति संसद से मिले. इससे पहले हाई कोर्ट के कुछ जजों के खिलाफ तो महाभियोग चल चुका है, लेकिन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को लेकर अबतक ऐसा कभी देखने को नहीं मिला.