केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि 16 दिसंबर, 2012 को घटी गैंग रेप की घटना पर बीबीसी के लिए डॉक्युमेंट्री बनाने वाली ब्रिटिश फिल्मकार, लेस्ली उडविन ने सरकारी अधिकारियों के साथ छल किया है या नहीं, यह बात जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी. अधिकारी ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ बताया गया कि मामले की जांच के आदेश दिए जा चुके हैं और सरकार जांच रपट आने पर जरूरत पड़ी तो कार्रवाई करेगी.
यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्मकार ने तिहाड़ जेल में कैद रेप के दोषी व्यक्तियों के इंटरव्यू की अनुमति लेने तथा कई कैदियों के इंटरव्यू लेना, लेकिन डॉक्युमेंट्री सिर्फ सर्वाधिक संवेदनशील कैदी पर बनाने के मामले में प्रशासन के साथ छल तो नहीं किया, अधिकारी ने कहा कि ये सारी बातें जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगी.
अधिकारी ने कहा, 'जांच जारी है. मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है. उन्होंने किस चीज के लिए अनुमति मांगी और उसका उन्होंने किस तरह उपयोग किया, इन सभी पक्षों की जांच की जा रही है और जांच रपट आने पर तस्वीर साफ हो जाएगी.'
सरकार ब्रिटिश फिल्मकार पर करार की शर्तों का उल्लंघन करने का पहले ही आरोप लगा चुकी है और उसे एक कानूनी नोटिस भी भेजा जा चुका है.
डॉक्यूमेंट्री में दोषी रेप मुकेश सिंह का इंटरव्यू शामिल है, जिसका भारत में प्रसारण
प्रतिबंधित है. लेकिन बीबीसी ने दो दिन पहले ही इस डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण कर दिया था, हालांकि भारत में इसका प्रसारण नहीं किया गया लेकिन यह यूट्यूब पर आसानी से उपलब्ध था. बाद में गृहमंत्रालय के कहने पर डाक्युमेंट्री को यूट्यूब से भी हटा लिया गया.
इनपुट IANS से