लक्ष्मीकांत पारसेकर ने कार्यकर्ताओं से मुद्दे पर शांत करने के लिए कहा, जबकि सत्ताधारी दल के एक विधायक भी राज्य में गाय का वध रोके जाने की मांग कर रहे हैं.
हालांकि मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से गैरकानूनी मांस की खेप व पशु अधिकारों के उल्लंघन पर पुलिस दल के साथ छापा मारने की सलाह दी.
विधानसभा में दो पशु अधिकार कार्यकर्ताओं पर हमले पर चर्चा भी हुई है. यह हमला कार्यकर्ताओं द्वारा उत्तरी कर्नाटक के बेलगाम से गोवा में मंगाई गई खेप को पकड़ने के दौरान हुआ.
पारसेकर ने कहा, 'अल्पसंख्यकों के लिए यह उनके भोजन का अनिवार्य हिस्सा है और उन्हें बड़े के मांस की जरूरत है. यदि आप पड़ोसी राज्यों से आयात होने वाले बड़े जानवरों का मांस सुनिश्चित कर सकते हैं, तो मेहरबानी कर देखिए. वे गोवा के हैं. यह उनके भोजन का हिस्सा है.'
उन्होंने आगे कहा, 'पशु अधिकार कार्यकर्ता पशुओं के खिलाफ जहां भी अपराध होता है, तो ऐसे जगहों पर पुलिस की मदद जरूर लें. अपने दम पर नहीं जाएं.'
चर्चा के दौरान सत्ताधारी महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के विधायक लावु मामलेदार ने गोवा में गाय का वध रोकने की मांग की.