गोमांस (बीफ) खाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार और बीजेपी में मतभेद उभरने के बाद बवाल बढ़ गया है. एक तरफ किरण रिजिजू के ताजा बयान को आड़े हाथों लिया जा रहा है, वहीं मुख्तार अब्बास नकवी के विवादित बयान से भी बीजेपी किनारा करती नजर आ रही है.
बीजेपी नेता योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोमांस देश के बहुसंख्यक की आस्था से जुड़ा मुद्दा है. लोकतंत्र में जनभावना सर्वोपरि है और इसका सम्मान होना चाहिए. गोमांस के आयात-निर्यात पर बैन के हम पक्षधर हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या मंत्रियों को इस बारे में बयान देने से बचना चाहिए तो उन्होंने कहा, 'मंत्री हो चाहे संतरी हो, जनभावनाओं के विरुद्ध आचरण किसी को नहीं करना चाहिए.'
नकवी का वो मतलब नहीं रहा होगा: शाहनवाज
उधर बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन मुख्तार अब्बास नकवी के उस बयान से किनारा करते नजर आए, जिसमें उन्होंने बीफ खाने वालों को पाकिस्तान जाने की बात कही थी. शाहनवाज ने कहा, 'मैं सऊदी गया हुआ था और मैंने नहीं देखा कि नकवी जी ने क्या कहा है. पर मुझे लगता है कि उनकी बात का गलत मतलब निकाला गया. संविधान के मुताबिक, यह बुनियादी अधिकार है कि अगर कोई भारत में जन्मा है तो उसे देश के बाहर नहीं निकाला जा सकता.'
त्यागी की चुटकी, 'अब रिजिजू को भेजो पाकिस्तान'
यह बवाल तब शुरू हुआ जब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने गोमांस खाने का समर्थन कर दिया और इस मुद्दे पर अपने वरिष्ठ नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के बयान की आलोचना की. अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री नकवी ने कहा था कि बीफ खाने वालों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए . इस बयान को किरण रिजिजू ने 'अरुचिकर' बताया और बताया कि वह खुद बीफ खाते हैं.
बीजेपी के इस अंदरूनी बवाल पर अब विपक्ष भी तंज कसने से नहीं चूक रहा. जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा, 'अब देश के गृह राज्य मंत्री को पाकिस्तान भेजना चाहिए और उनका वीजा तैयार कराना चाहिए.' एनसीपी नेता तारिक अनवर ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार में किसी का कंट्रोल नहीं है. जिसका जो मन है बोल देता है और बाद में उसे माफी मांगनी पड़ती है.
मैं खाता हूं बीफ, कौन रोकेगा: रिजिजू
इससे पहले बीजेपी नेता और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रिजिजू ने कहा, 'मैं बीफ खाता हूं. मैं अरुणाचल प्रदेश से हूं. क्या कोई मुझे रोक सकता है? हमें किसी के रोजाना के कामों से आहत नहीं होना चाहिए.' मंगलवार को आइजॉल में उन्होंने यह बात कही. उन्होंने कहा, 'यह एक लोकतांत्रिक देश है. लेकिन कई बार ऐसे बयान दिए जाते हैं जो रुचिकर नहीं होते.'
अंग्रेजी अखबार 'द इंडियन एक्सप्रेस' की खबर के मुताबिक, उन्होंने कहा, 'अगर कोई मिजो ईसाई कहता है कि यह जीसस की धरती है तो पंजाब और हरियाणा में किसी को दिक्कत क्यों होती है? हमें हर जगह के लोगों की भावनाओं का आदर करना होगा.'
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र हिंदू बहुसंख्यक प्रदेश है, गुजरात भी है, मध्य प्रदेश भी है, अगर वे ऐसे कानून बनाते हैं जो हिंदू समाज के लिए हितकारी हों तो उन्हें ऐसा करने दिया जाए. लेकिन हमारी जगह पर जहां हम बहुसंख्यक हैं, हमारी मान्यताओं के लिए हितकारी कानून ही बनने चाहिए. उन्होंने कहा, 'हमें उनके जीवन के तरीके से दिक्कत नहीं है, उन्हें हमारे तरीके से नहीं होनी चाहिए. अगर कोई ऐसा बयान देता है जो आपकी मान्यताओं पर थोपा हुआ-सा लगे तो यह अच्छा नहीं है.'