पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ समय से मरे हुए जानवरों के मांस की बरामदगी और इसके कारोबार को लेकर घमासान मचा हुआ है. हाल ही में राज्य में सड़े हुए मांस का कारोबारी भी पकड़ा गया था, जिसके बाद यह खबर पूरे राज्य में आग की तरह फैल गई.
प्रशासन भी मुस्तैदी से छापेमारी कर रहा है, बावजूद इसके हालात वैसे के वैसे हैं और कारोबारी सबक सीखने को तैयार नहीं हैं. हालांकि, सड़े मांस की बिक्री का परिणाम ये हुआ कि लोग मांस छोड़कर झींगा और मछली खाने पर उतर आए.
गुरुवार को बंगाल के बैरकपुर स्थित एक रेस्टोरेंट में छापेमारी के दौरान कारोबारी फफूंदी लगा मांस बेचता पकड़ा गया था. इस बीच, उसी इलाके के एक दुकान में पका हुआ चिकन फ्रीजर में रखा पाया गया.
जबकि इस क्षेत्र में अधिकांश रेस्टोरेंट्स के स्टॉक में ताजा मांस निकला, लेकिन एक मशहूर रेस्टोरेंट में मिले मांस ने अधिकारियों को चौंका दिया. जब इस अज्ञात रेस्टोरेंट में श्रमिकों को फ्रीजर खोलने के लिए कहा गया, तो उसमें से फफूंदी लगे कच्चे मांस के पैकेट पाए गए.
यही नहीं, ताल पुकुर क्षेत्र में, जब एक मांस की दुकान में छानबीन की गई तो अधिकारियों को यहां भी फ्रीजर में बासी चिकन मिला. रिपोर्ट में बताया गया है कि इस क्षेत्रों से पाया गया मांस जब्त कर लिया गया और
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन स्थानों से समझौता किया गया मांस जब्त कर लिया गया और होटल व रेस्तरां मालिकों को चेतावनी दी है.
कितना घातक है बासी मांस?
बासी मांस शरीर के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है. इससे गंभीर एलर्जी हो सकती है, साथ ही सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है. कुछ, विशिष्ट परिस्थितियों में यह 'मायकोटॉक्सिन्स' नामक एक जहरीले पदार्थ का रूप धारण कर लेता है.
हालांकि, इसमें भी कुछ प्रकार के बासी मांस खाने के लिए सुरक्षित होते हैं. लेकिन इनमें कोई स्वाद नहीं होता, खासकर तब जब गंदे रेस्टोरेंट में मांस को फ्रिज में रखा गया हो.