भूख से बिलख रहे लावारिस बच्चे को ब्रेस्टफीड कराने वाली बेंगलुरु की कॉन्स्टेबल अर्चना की चौतरफा तारीफ हो रही है. सोशल मीडिया पर अधिकतर लोग अर्चना की ममता की मिसाल दे रहे हैं. वहीं कुछ लोग दूसरे पुलिसवालों को भी महिला कॉन्स्टेबल की उदारता से सीखने की सलाह दे रहे हैं. हालांकि अर्चना इसे सिर्फ बच्चे की भूख को मिटाने का एक स्वाभाविक तरीका भर मानती हैं.
क्या कहती हैं अर्चना
बेंगलुरु मिरर से बातचीत के दौरान अर्चना ने कहा, 'मुझे लगता है कि बच्चे को शांत कराने का सिर्फ यही एक तरीका था. उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि बच्चा कुछ मिनट पहले ही पैदा हुआ था. जब मैंने देखा तो बच्चा रो रहा था और एक मां होने के नाते, मुझे लगा कि वह भूखा है. मैंने उसे गोद में ले लिया और ब्रेस्ट फीड कराया. इसके बाद बच्चे ने रोना बंद कर दिया.'
5 माह के बच्चे की मां
अर्चना खुद भी 5 माह के बच्चे की मां हैं और उन्होंने मातृत्व अवकाश के बाद हाल ही में जॉइन किया है.अर्चना कहती हैं, 'जब मैं बच्चे को फीडिंग करा रही थी तब ऐसा लग रहा था जैसे वह मेरा बेटा अशत है. 32 साल की अर्चना पिछले 5 साल से के सॉफ्टवेयर पावर हाउस के पास बने इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी पुलिस स्टेशन में कॉन्स्टेबल हैं.'
हो रही है प्रशंसा
कर्नाटक के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कॉन्स्टेबल अर्चना की सराहना है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह अर्चना का सराहनीय कदम है. इसके अलावा कुमारस्वामी ने मिलने की इच्छा भी जाहिर की है. यही नहीं, बच्चे का नाम भी कुमारस्वामी रखा गया है. अर्चना के पति भी उनके इस कदम से बेहद खुश हैं.
कहां मिला था बच्चा
रिपोर्ट के मुताबिक कंस्ट्रक्शन साइट पर कोई नवजात बच्चे को छोड़ गया था. स्थानीय लोगों ने लावारिस पड़े बच्चे को देखने के बाद पुलिस को सूचित किया. खबर मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची तो बच्चे की हालत काफी बुरी थी. वे उसे पास के अस्पताल में ले गए. इलाज के बाद बच्चे को थाने ले आए, जहां अर्चना ने उसे ले लिया और फीडिंग कराई.