बेंगलुरु में कल रात हुई हिंसा के बाद अब हालात काबू में है. हालांकि हिंसा के बाद का जो मंजर अब सामने आ रहा है, वो खौफनाक है. एक फेसबुक पोस्ट पर ये हिंसा भड़की और उपद्रवियों ने कार, बाइक को आग के हवाले कर दिया. थाने में तोड़फोड़ की और कांग्रेस विधायक श्रीनिवास मूर्ति के घर हमला किया.
इस हिंसा के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि 60 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हैं. पुलिस ने अभी तक 110 लोगों को गिरफ्तार किया है. सिविल डिफेंस से संबंध रखने वाले शरीफ आज डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन में हुई आगजनी के चश्मदीद गवाह हैं और वह आज अपना बयान दर्ज कराने पहुंचे.
#WATCH Bengaluru: Sharif, belonging to Civil Defence & an eye-witness to DJ Halli Police Station's vandalisation, comes to record his statement; says, "We're from Civil Defence & had come to protect Police. It was public's fault. This (Police Station) is like my temple,my masjid" pic.twitter.com/XeVyaK5Z1O
— ANI (@ANI) August 12, 2020
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बेंगलुरु हिंसा के चश्मदीद गवाह शरीफ ने कहा कि मैं सिविल डिफेंस से हूं और पुलिस की सुरक्षा के लिए आया था. पुलिस की कोई गलती नहीं थी. पुलिस पर पथराव किया गया था. यह जनता की गलती थी. यह (पुलिस स्टेशन) मेरे लिए मंदिर, मेरे लिए मस्जिद की तरह है.
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इस बीच पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस ने सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के एक नेता को गिरफ्तार किया गया है. SDPI की ओर से भी इस बात की पुष्टि की गई है. गिरफ्तार किए गए नेता का नाम मुजम्मिल पाशा है. बता दें कि इसी संगठन का नाम हिंसा को भड़काने में आ रहा था.
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बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर कमल पंत के मुताबिक, इस वक्त हालात काबू में हैं. डीजे हाली-केजी हाली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में कर्फ्यू लगाया गया है, जबकि पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है. सुरक्षा को देखते हुए RAF-CISF-CRPF का सहारा लिया जा रहा है, लोगों से किसी भी तरह की अफवाह में ना आने की अपील है.