पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा 5 भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले पर लोकसभा में देश के रक्षामंत्री एके एंटनी के बयान पर बवाल मचा है. मंगलवार की शाम एंटनी के घर के बाहर भारतीय जनता युवा मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया.
गौरतलब है कि एंटनी ने संसद में कहा कि 20 आतंकवादियों और पाकिस्तानी फौज की वर्दी पहने लोगों ने भारतीय सैनिकों पर हमला किया. रक्षा मंत्री ने हमलावरों में सीधे-सीधे पाक फौज में शामिल ना होने का बयान दिया, जिसे लेकर अब हंगामा मच गया है.
एंटनी के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे भाजयुमो कार्यकर्ता रक्षामंत्री के इस्तीफे की लगातार मांग कर रहे थे. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए उन पर पानी की बौछार छोड़ी लेकिन उत्तेजित प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे जिसे देखते हुए सुरक्षा और बढ़ा दी गई.
संसद के दोनों सदनों में मंगलवार को सभी राजनीतिक दलों के सदस्यों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया. रक्षा मंत्री एके एंटनी ने संसद के दोनों सदनों में अपनी ओर से दिये बयान में कहा कि हमला नियंत्रण रेखा के भारतीय पक्ष की ओर किया गया.
रक्षा मंत्री ने बताया कि मंगलवार तड़के घात लगाकर किया गया यह हमला पाक सेना के वर्दीधारी व्यक्तियों सहित पूरी तरह से हथियारों से लैस लगभग 20 आतंकवादियों द्वारा किया गया था.
एंटनी ने कहा, 'हम इस अकारण घटना की कड़ी निंदा करते हैं. भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार के साथ राजनयिक माध्यमों के जरिए कड़ा विरोध दर्ज किया है.’ उन्होंने कहा कि सरकार उन शहीदों के परिवारों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करती है जिन्होंने अपने कर्तव्य की खातिर सर्वोच्च बलिदान दिया.
रक्षा मंत्री द्वारा अपने बयान में पाकिस्तान सेना की वर्दी पहने हुए लोगों के साथ हमला किये जाने की बात कहे जाने पर विभिन्न दलों के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जतायी और कहा कि इससे पाकिस्तान को बचने का रास्ता मिल जायेगा जो अक्सर यह दावा करती रहती हे कि उसकी सेना जिम्मेदार नहीं है.