भारतीय वायु सेना प्रमुख बीरेंद्र सिंह धनोवा का कहना है कि चीन के खिलाफ वायु सेना मजबूत स्थिति में है. सभी जरूरी साजो सामान के लिए सरकार को बजट भेजा गया है. बता दें, डोकलाम विवाद को लेकर चीन और भारत के बीच काफी समय से खींचतान जारी है. इसके मद्देनजर वायु सेना प्रमुख का ये बयान काफी मायने रखता है.
The Air Force is on a strong wicket against China. Whatever requirements are there from the budget, have been sent to the Government: Birender Singh Dhanoa, Air Force Chief pic.twitter.com/55jTz7mNRj
— ANI (@ANI) March 22, 2018
पिछले साल डोकलाम विवाद पर समझौता करने के बाद चीन ने एक बार फिर अपनी सक्रियता इस क्षेत्र में बढ़ा दी है. डोकलाम मामला भारत के लिए हमेशा से कमजोर कड़ी रहा है. इससे पहले, द प्रिंट की जानकारी के मुताबिक चीन ने क्षेत्र के उत्तरी हिस्से को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया है.
भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि चीन उत्तरी डोकलाम में अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहा है. उन्होंने कहा था, "यह भूटान और चीन के बीच एक विवादित क्षेत्र है. यहां से चीनी सेना सैन्य बलों की तैनाती में कुछ कमी लानी चाहिए. लेकिन यह हो सकता है कि चीन सर्दी गुजरने के बाद अपने फोर्स में कमी लाए. अब हमें देखना और इंतजार करना होगा."
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, सिक्किम-भूटान-तिब्बत की त्रिकोणीय सीमा के पास डोकलाम क्षेत्र में 1,600 से 1,800 चीनी सैन्य दस्ता मौजूद है, जो वहां उसके स्थायी बेस को दर्शाता है. साथ ही वहां 2 निर्माणीधीन हैलीपैड, अपग्रेडेड नई सड़कें, ठंड से बचने के लिए बनाए गए शेल्टर्स मौजूद थे.
बता दें, वायु सेना प्रमुख का ये बयान उस वक्त आया है जब आज सुबह ही भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. स्वाभाविक है कि ब्रह्मोस के सफल परीक्षण से सेना का मनोबल बढ़ा है.