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दिल्ली या नागपुर नहीं, अहमदाबाद से चलती है बिहार बीजेपीः जेडीयू

पटना में नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली के लिए रास्ता साफ है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने बिहार दौरे का कार्यक्रम बदल दिया है. पर इस बदलाव के लिए जिस तरह से बीजेपी ने मिन्नतें की और जेडीयू पर निशाना साधा, उस पर उनके विरोधियों ने पलटवार किया है.

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नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी

पटना में नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली के लिए रास्ता साफ है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने बिहार दौरे का कार्यक्रम बदल दिया है. पर इस बदलाव के लिए जिस तरह से बीजेपी ने मिन्नतें की और जेडीयू पर निशाना साधा, उस पर उनके विरोधियों ने पलटवार किया है.

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जेडीयू का आरोप है कि बीजेपी ने गलत उदाहरण पेश किया है. पार्टी ने कुछ ऐसा किया है जो आजतक भारत ने इतिहास में नहीं हुआ. यह पहला मौका है जब किसी दल ने राष्ट्रपति का कार्यक्रम रद्द करने की मांग की.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पूरे घटनाक्रम पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह बीजेपी की अच्छी मानसिकता का प्रतीक है. इससे साफ हो गया है कि बिहार बीजेपी दिल्ली या नागपुर नहीं बल्कि अहमदाबाद से चलती है.

वहीं पार्टी अध्यक्ष शरद यादव का कहना है कि जब से जेडीयू का गठबंधन बीजेपी से टूटा है, बीजेपी हर चीज में जेडीयू का दोष देखती है.

शरद यादव ने कहा, 'जब से हमारा गठबंधन टूटा है, बीजेपी हर चीज में हमारा दोष ढूंढती है. चाहे पानी गिर रहा हो या सूरज निकला हो तब भी वे हम पर ही आरोप लगाते हैं.'

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मोदी की रैली के विरोध पर सफाई देते हुए शरद यादव ने कहा, 'राष्ट्रपति के बिहार दौरे का कार्यक्रम हमने नहीं बनाया.'

शरद यादव ने कहा, 'हम बीजेपी से अलग हो चुके हैं और भगवा पार्टी एक बार फिर अपने पुराने ढर्रे पर लौट चुकी है.'

वहीं, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा, 'राजनीतिक रैली के लिए राष्ट्रपति के आधिकारिक दौरे में बदलाव गलत मिसाल पेश करेगा.'

आपको बता दें कि पटना में 27 अक्टूबर को नरेंद्र मोदी की रैली और उसी दिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बिहार दौरे को लेकर पैदा हुए विवाद पर विराम लग गया है. बीजेपी की मांग मानते हुए राष्ट्रपति ने अपना कार्यक्रम बदल दिया है, अब वे सिर्फ 26 अक्टूबर को पटना में होंगे और उसी दिन वापस लौट आएंगे. पहले राष्ट्रपति का बिहार दौरा 26 और 27 अक्टूबर के लिए तय था.

क्या था विवाद?
दरअसल, बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार मोदी की हुंकार रैली को रोकने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. सुशील मोदी ने ट्वीट किया, 'पहले तो नीतीश कुमार ने मोदी की हुंकार रैली के लिए आधे गांधी मैदान की ही इजाजत दी और फिर जिस दिन मोदी की रैली है उसी दिन राष्ट्रपति को बिहार आने का न्योता दिया है. मोदी ने लिखा है कि 26 और 27 अक्टूबर को राष्ट्रपति पटना में होंगे.' इन आरोपों पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी पर पलटवार किया और कहा कि बीजेपी पब्लिसिटी के लिए सनसनी फैला रही है. राष्ट्रपति के बिहार दौरे से राज्य सरकार का कोई लेना-देना नहीं है.

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