पाकिस्तान ने सीमा रेखा का उल्लंघन कर भारतीय सेना के जवान मार दिए, मगर सोमवार रात के इस वाकये पर देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अभी तक चुप्पी साधे हुए हैं. इस पर सवाल उठाते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा है कि रक्षा मंत्री अपने बयान में सच को हल्का कर रहे हैं और पीएम चुप्पी साधे हुए हैं, इसके कुछ संकेत मिल रहे हैं.
नहीं बख्शेंगे एंटनी को
जेटली ने साफ किया कि हमारे निशाने पर सिर्फ रक्षा मंत्री एके एंटनी ही नहीं बल्कि पूरी सरकार है. उनके मुताबिक सेना ने बयान दिया कि पाकिस्तानी सेना ने हमला किया. इस सच को रक्षा मंत्री ने बदल दिया और अपने बयान में कहा कि हमलावर केवल पाकिस्तानी सेना की वर्दी में थे. इसी तरह दूसरा बयान था कि एलओसी के साथ हुआ ये वाकया. फिर बदलकर कह दिया कि भारतीय टेरिटरी में हुआ. बकौल जेटली, इसका लाभ उठाकर पाकिस्तान ने डिफेंस बना लिया है. वे कहेंगे कि आपकी सीमा में हुआ है, सीमा पार नहीं हुई तो आपके मुजाहिदीन रहे होंगे. जेटली के मुताबिक ये बचाव का रास्ता देना समझ में आने वाला नहीं है.
पाकिस्तान को शर्मिंदा करो
जेटली ने साफ किया कि एंटनी या सरकार का रुख कोई गलती नहीं है. उनके मुताबिक सरकार अपने बयान, अपने स्टैंड को जान बूझकर हल्का कर रही है. उन्होंने कहा कि कल एक मौका था जब सरकार साफ तौर पर पाकिस्तान का नाम लेकर उसे पूरी दुनिया के सामने शर्मिंदा करती. मगर ऐसा नहीं हुआ. सरकार को अपना स्टैंड देश के सामने साफ करना होगा.