बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि मुझे यह स्वीकार करने में गर्व महसूस होता है कि उनके दल ने राम मंदिर और अयोध्या का मुद्दा उठाया. साथ ही उन्होंने कहा कि अयोध्या आंदोलन को लेकर ‘शर्मिन्दा’ होने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसकी बजाय इस पर गर्व करना चाहिए.
आडवाणी ने बीजेपी मुख्यालय में पार्टी के 33वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक मुद्दा है.
सपा नेता मुलायम सिंह की ओर से उनकी तारीफ किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब लोगों ने मुलायम सिंह के मुंह से मेरी प्रशंसा सुनी तो उन्हें चिंता हुई. मेरा मानना है कि अगर आप सही बात कहेंगे तो दुनिया उसे स्वीकार करेगी. झिझकिए नहीं, हीन भावना विकसित मत कीजिए. अगर हम अयोध्या मंदिर मुद्दे में विश्वास करते हैं और उसके लिए आंदोलन चलाया, तो उसके लिए शर्मिन्दा मत हों, कभी नहीं, हमें उसमें गर्व होना चाहिए.
मुलायम सिंह ने पिछले महीने आडवाणी को ईमानदार व्यक्ति बताते हुए कहा था कि बीजेपी के इस वरिष्ठ नेता ने कभी झूठ नहीं बोला.
आडवाणी ने कहा कि उन्हें लोगों के यह कहने पर कोई आपत्ति नहीं है कि केवल अयोध्या और राम मंदिर आंदोलन के बल पर बीजेपी ने अपना समर्थन आधार बढ़ाया.