बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चे ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का बचाव किया है, जिसमें उन्होंने देश के लोगों को हिंदू और हिंदुत्व को भारत की पहचान बताया था. बयान का बचाव के पीछे तर्क दिया गया है कि भागवत की टिप्पणी सामाजिक संदर्भ में है और इसको धार्मिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए.
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की टीम में फिर से अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष बने अब्दुल रशीद अंसारी ने मामले में कहा, 'मेरे खयाल से उनका (भागवत) जो कुछ भी कहना था वो सामाजिक संदर्भ में था. उन्होंने इसे धार्मिक संदर्भ में नहीं कहा कि दूसरे मजहब के लोग भी हिंदू हैं. इस बयान को सामाजिक नजरिए से देखा जाना चाहिए. इस पर किसी तरह का ऐतराज नहीं होना चाहिए.'
अंसारी ने आगे कहा कि जब हम इकबाल का गीत पढ़ते हैं तो गर्व से कहते हैं कि हिंदी हैं हम, वतन है हिंदुस्तां हमारा. कहीं हिंदुस्तानियों के लिए हिंदी शब्द इस्तेमाल किया जाता है, ईरानी साहित्य में सिंधु को हिंदू कहा जाता है. उस संदर्भ में भी देखें तो हिंदू शब्द का इस्तेमाल धार्मिक संदर्भ में नहीं, सामाजिक संदर्भ में होता है. सामाजिक नजरिए से हिंदू शब्द के इस्तेमाल में कोई दिक्कत नहीं है.
गौरतलब है कि पिछले दिनों ओडिशा के कटक में भावगत ने कहा था कि जब अमेरिका के लोग अमेरिकी, जर्मनी के लोग जर्मन और इंग्लैंड के लोग अंग्रेज कहे जा सकते हैं तो हिंदुस्तान में रहने वालों को हिंदू क्यों नहीं कहा जा सकता. इसके कुछ दिनों बाद मुंबई में भी विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि हिंदुत्व भारत की पहचान है और हिंदुत्व में यह क्षमता है कि वह दूसरी पहचानों को अपने में समाहित कर सके.
दंगों के प्रति राज्य सरकार की जिम्मेदारी
अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अंसारी ने कांग्रेस के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं. उन्होंने कहा, 'ऐसा कुछ नहीं हुआ है. ऐसा कुछ नहीं हुआ जिसके लिए पार्टी को जिम्मेदार कहा जाए. जहां भी घटनाएं हुई हैं उसके लिए वहां की सरकार की जिम्मेदारी बनती है.'
अंसारी ने कहा कि यूपी में सबसे ज्यादा घटनाएं हुई हैं, वहां बीजेपी की नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी की सरकार है. महाराष्ट्र और कुछ दूसरे स्थानों पर सांप्रदायिक तनाव पैदा हुआ है, वहां भी बीजेपी की सरकारें नहीं हैं. कानून-व्यवस्था राज्य का मामला है और इन घटनाओं के लिए बीजेपी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अंसारी ने कहा, 'कांग्रेस की हैसियत अब कुछ कहने लायक तो रही नहीं. ऐसे में वो इसी तरह के आरोप लगा रहे हैं. उनका यही काम रह गया है कि हर चीज के लिए बीजेपी और मोदी जी को जिम्मेदार ठहराया जाए.'